ऐसोसिएशन का ऐलान निजीकरण का फैसला न हुआ वापस तो 9 अप्रैल-2018 से 72 घण्टे का कार्य बहिष्कार
लखनऊ, 27 मार्च। निजीकरण के विरोध में उप्र पावर आफीसर्स ऐसोसिएशन, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र सहित अनेको बिजली कार्मिको के संगठनों द्वारा आज पूरे दिन का कार्य बहिष्कार कर कार्य बन्द रखा गया। पूरे प्रदेश में आज बिजली कार्मिको ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के निजीकरण के फैसले पर उसे पूर्नविचार करने के लिए विवश कर दिया है।
लखनऊ के सभी कार्यालयों के कार्मिक/अभियन्ता सुबह 10 बजे से ही शक्ति भवन पर जमा होने लगे देखते-देखते 5 हजार से ज्यादा की संख्या में अभियन्ताओं एवं कार्मिको ने पूरा शक्ति भवन घेर लिया और लगातार सरकार की विरोध में नारे बाजी करते हुए निजीकरण के फैसलो को अविलम्ब वापस करने के लिए सरकार के निर्णय के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। यह पहला मौका था जब निजीकरण के मुद्दे पर सभी बिजली विभाग के संगठन एक मंच पर दिखाई दिये जिससे सरकार की नीद उड गयी है।

पावर आफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह ऐलान कर दिया है जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होगा यह आन्दोलन आगे भी जारी रहेगा। ऐसोशिएशन के सदस्य 28 मार्च से नियमानुसार अपना कार्य करेगे और फिर भी फैसला वापस न हुआ तो 9 अप्रैल-2018 से सभी दलित व पिछड़े वर्ग के अभियन्ता 72 घण्टे का प्रान्त व्यापी कार्य बहिस्कार करेगें।
उप्र पावर आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अति. महासचिव अनिल कुमार, सचिव आरपी केन, संगठन सचिव, एस पी सिंह अजय कुमार, आदर्श कौशल, पीपी सिंह, राधेश्याम, रामशब्द, रामचन्द्र, ट्रांस्को अध्यक्ष महेन्द्र सिंह, सिविल इकाई अध्यक्ष बीना दयाल ने कहा जिस प्रकार से आज पूरे प्रदेश में बिजली अभियन्ताओं व कार्मिको ने एकजुट होकर अपनी ताकत का इजहार किया है उससे उप्र सराकर को अब यह सोचना होगा वह निजीकरण के फैसले पर पुनः विचार करे। एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने एक शुर में यह एलान किया है आन्दोलन आगे भी जारी रहेगा।







