प्रशिक्षित महिलाएं जल्द ही सैनिक के रूप में कमान संभाल कर आतंकियों से टक्कर लेंगी, पाकिस्तानी सरकार गुपचुप तरीके से कर रही तैयार
इस्लामाबाद, 03 अप्रैल। बहुत पुरानी कहावत हैं कि जो जैसा बीज लगाता हैं उस वैसा ही फल उस मिलता है यह कहावत अब पाकिस्तान पर सटीक बैठ रही है। पूरी दुनिया में आंतक और आंतकवादियों को सप्लाई करने वाला पाकिस्तान अब खुद भी इस दंश से अछूता नहीं है। इस कारण पाकिस्तानी हुकूमत की ओर से अब गुपचुप तरीके से तैयारी की जाने लगी है। खबर है कि पाकिस्तान सरकार वहां की महिलाओं की एक ऐसी पलटन तैयार कर रही है, जो आतंकवादियों से लोहा लेने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ने वाली है।
पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी अखबारों में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार, आतंकवादियों से लोहा लेने के लिए अब पाकिस्तान की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगी हैं। पाकिस्तान सरकार की ओर से बीते जनवरी महीने में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की खातिर इस्लमाबाद में काउंटर टेररिज्म फोर्स (सीटीएफ) का गठन किया गया है। सरकार की ओर से गठित सीटीएफ में करीब 386 पुरुषों के साथ 23 महिलाओं को भी आतंकवादियों से लोहा लेने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
खबर में इस बात का जिक्र किया गया है कि पाकिस्तान सरकार की ओर से नेशनल एक्शन प्लान (एनएपी) के तहत सीटीएफ का गठन किया गया था। एनएपी में करीब 970 अधिकारी काम करते हैं, जिसमें करीब 76 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। अखबार की खबर में कहा गया है कि सीटीएफ में 23 महिला अधिकारियों को पहले बैच में प्रशिक्षण देकर आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान में शामिल करने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, प्रशिक्षण के दूसरे बैच में करीब 25 महिलाओं को शामिल किया गया है। इन महिलाओं को एनपीए में शामिल अधिकारियों की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये सभी प्रशिक्षित महिलाएं जल्द ही सैनिक के रूप में कमान संभाल कर आतंकियों से टक्कर लेंगी।
अखबार के मुताबिक आतंकवादियों के खिलाफ सरकार की ओर से महिलाओं की जो पलटन तैयार की जा रही है,उन महिलाओं को इंटेलीजेंस ब्यूरो की ओर से बेदियां स्थित एलीट ट्रेनिंग स्कूल और स्पेशल सर्विस ग्रुप द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें छोटी मशीनगन,पिस्तौल आदि हथियारों से लैस होकर कार्रवाई,छापों अथवा सुरक्षा ड्यूटी के दौरान काम करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हालांकि,खबर यह भी है कि अभी तक जिन महिलाओं को प्रशिक्षण दे दिया गया है, उन्हें अभी हाल ही में पाकिस्तान दिवस के मौके पर आशुरा में आयोजित कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए तैनात भी किया गया था।







