- 40 लाख स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर उठा सवाल उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से की मुलाकात और उनके सामने रखे अनेकों तथ्य
- ऊर्जा मंत्री का प्रबन्ध निदेशक, पावर कारपोरेशन को निर्देश मीटर की गुणवत्ता के साथ नहीं होगा कोई समझौता भारतीय मानक के अनुसार स्मार्ट मीटर का कराये निविदा की शर्तो के क्रम में टाइप टेस्ट
लखनऊ, 18 अप्रैल। उप्र में लगने वाले 40 लाख स्मार्ट मीटर पर पावर कारपारेशन प्रबन्धन द्वारा विगत सप्ताह कराई गई वर्कशाप और उसमें प्रस्तुत स्मार्ट मीटर के भारतीय मानक को लेकर बवाल मच गया। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर लम्बी बैठक की और उनके सामने निविदा प्रपत्र से सम्बन्धित अनेकों साक्ष्य रखते हुये कहा कि निविदा में दी गई शर्तो के मुताबिक टेण्डर में भाग लेने वाली कम्पनी को स्मार्ट मीटर की टाइप टेस्ट भारतीय मानक (आईएस) 16444 के अनुसार टेण्डर के साथ जमा करना था अथवा पहली लाट के पहले जो अभी तक जमा नहीं किया गया और बीआईएस सर्टिफिकेशन भी अनिवार्य था। लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा आयोजित वर्कशाप में जो स्मार्ट मीटर सैकड़ों अभियन्ताओं के सामने रखा गया था वह स्मार्ट मीटर के भारतीय मानक (आईएस) 16444 के अनुसार नहीं था बल्कि उस मीटर पर सामान्य मीटर का भारतीय मानक (आई0एस0) 13779 अंकित था, जो अपने आप में बड़ा सवाल है और अभियन्ताओं के लिये सोचनीय भी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा पूरे मामले पर पावर कारपोरेशन के उन अभियन्ताओ से भी बात की गई जो इस प्रक्रिया में शामिल है उनके द्वारा स्वीकार किया गया कि स्मार्ट मीटर के भारतीय मानक (आईएस) 16444 के अनुसार टाइप टेस्ट कराया जाना चाहिये। इस टेण्डर को निकालने वाली कम्पनी ईईएसएल द्वारा प्रदेश में एलईडी बल्व भी पूर्व में बाॅटे गये थे जिसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। अब आने वाले समय में स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता का क्या हाल होगा यह तो समय ही बतायेगा। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के मानक के अनुसार उपभोक्ता के परिसर पर लगने वाले मीटर का बीआईएस सर्टिफिकेशन अनिवार्य है।
ऊर्जा मंत्री ने दिए निर्देश:
उपभोक्ता परिषद द्वारा रखे गये तथ्यों बाद अविलम्ब ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने पावर कारपोरेशन की प्रबन्ध निदेशक को यह निर्देश दिया जो भी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के परिसर पर लगाये जायेगें उसकी गुणवत्ता पूरी तरह उच्च कोटि की होनी चाहिये और साथ ही निविदा में दी गई शर्तो के मुताबिक मीटर आपूर्तिकर्ता करने वाली कम्पनियों को सबसे पहले भारतीय मानक (आईएस) 16444 के अनुसार अधिकृत लैबोरटरी से टाइप टेस्ट कराया जाय और यह सुनिश्चित किया जाय कि उसने बीआईएस सर्टिफिकेशन प्राप्त कर लिया है। टेण्डर की सभी शर्ते अनिवार्य रूप से लागू की जाय।







