Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 565 कोई कमी नहीं अन्न की, भरे हुए भण्डार। फिर भी कुछ भूखें मरें, चिंतित है सरकार।। चिंतित है सरकार, बहस पर बहस है छिड़ी, राजनीति की कड़ी, एक से एक है भिड़ी, नेताओं की भीड़, बहस में जब-तक खोई। भूखों तब तक रुकों, बीच में मरे न कोई।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन