बर्लिन, 29 मई। कृत्रिम मेधा प्रणाली अनुभवी त्वचा विशेषज्ञों से बेहतर तरीके से त्वचा के कैंसर की पहचान कर सकती है। एक अध्ययन से यह जानकारी मिली है।
अनुसंधानकर्ताओं ने कृत्रिम मेधा के एक प्रकार को या कॉन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (सीएनएन) के नाम से पहचाने जाने वाले एक मशीन को त्वचा कैंसर की पहचान करने के लिए 100,00 से अधिक तस्वीरें दिखाई, इन तस्वीरों में त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूप मेलिग्नेंट मेलानोमस सहित बिनाइन मोल्स भी था।
इसके बाद अनुसंधानकर्ताओं ने इनकी तुलना दुनिया के 58 त्वचा विशेषज्ञों से की और पाया कि इन विशेषज्ञों की तुलना में सीएनएन कुछ ही त्वचा कैंसरों को पहचानने में असमर्थ रहा।
हालांकि अनुसंधानकर्ता यह नहीं मानते हैं कि सीएनएन त्वचा कैंसर पहचानने के मामले में त्वचाविशेषज्ञों के ऊपर महारत हासिल कर लेगा लेकिन इसका इस्तेमाल अतिरिक्त सहायता के रूप में किया जा सकता है।







