आजमगढ़, 29 जून। जिले के 22 स्कूलों के मान्यता प्रत्याहरण करने के साथ ही सांसद और विधायक निधि की वसूली के लिए जिलाधिकारी ने आरसी जारी करने का आदेश दिया है। डीएम के इस आदेश से विद्यालय प्रबंधकों में हड़कंप की स्थिति है। ये वे विद्यालय है जिन्होने फर्जी खतौनी और दस्तावेजों के आधार पर विधायक और सांसद निधि हड़पी है।
गुरूवार को मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 2004 में लालता यादव द्वारा उच्च न्यायालय में एक पीआईएल दाखिल की गई जिसमें हुए आदेश के आधार पर प्रशासन को लगभग 85 विद्यालयों की जांच के आदेश दिए गए थे। डीएम सुहास एलवाई के समय कुछ विद्यालयों की जांच हुई थी। इसमें पांच-छह विद्यालयों पर आरसी और एफआईआर की कार्रवाई हुई थी। इन विद्यालयों ने हाईकोर्ट की शरण ले ली। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने विधायक एवं सांसद निधि के गबन के मामले में विद्यालयों पर अब तक हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी तलब की गई थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बचे विद्यालयों की जांच में तेजी आई थी। तत्कालीन सीडीओ अभिषेक सिंह ने 24 विद्यालयों को दोषी पाया था। सीडीओ ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन पर आरसी आदि कार्रवाई के लिए आदेश परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिए थे। इस बीच उनका स्थानांतरण हो गया। उनके जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही था। मीडिया में मामला उठने के बाद सीडीओ अनिल कुमार उपाध्याय के निर्देश पर इन विद्यालयों से वसूली के लिए आरसी जारी करने, एफआईआर करने और मान्यता प्रत्याहरण के प्रस्ताव पर संस्तुति के लिए फाइल जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी के पास भेजी गई थी। सूत्रों की मानें तो डीएम की संस्तुति पर रिकवरी, एफआईआर और अन्य कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।







