लखनउ, 11 जुलाई ,उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये तीन लाख 84 हजार 659.71 करोड रपये का आज अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत इस बजट में भाजपा के बहुप्रचारित चुनावी वादे यानी किसान कर्जमाफी के लिये 36 हजार करोड रपये का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने विधानमण्डल के बजट सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये बजट पेश करते हुए बताया कि इस बार बजट का आकार पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 10.9 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा इसमें नयी योजनाओं के लिये 55 हजार 781.96 करोड रपये की व्यवस्था की गयी है।
प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों का एक लाख रपये तक के फसली कर्ज की माफी भाजपा का प्रमुख चुनावी वादा था। केन्द्र सरकार द्वारा इस सिलसिले में कोई मदद ना दिये जाने के मद्देनजर राज्य सरकार के सामने इस वादे को पूरा करना एक बडी चुनौती था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने वाला करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करने के लिये कृतसंकल्पित है।
वित्त मंत्री अग्रवाल ने वसीम बरेलवी का शेर ‘ ‘मैं कतरा होकर भी तूफां से जंग लेता हूं, मुझे बचाना तो समन्दर की जिम्मेदारी है। दुआ करें, सलामत रहे मेरी हिम्मत, यह एक चिराग कई आंधियों पर भारी है। ‘ ‘, पढने के साथ सदन में बजट प्रावधानों का प्रस्तुतीकरण शुरू किया।
अग्रवाल ने भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र का जिक््र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने अगले पांच वर्षों में 10 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में किसान कर्जमाफी के लिये 36 हजार करोड की व्यवस्था कर दी है। इसके अलावा आलू किसानों के लिये सरकार पहली बार पैकेज लेकर आयी और उसने एक लाख मैटिक टन आलू खरीदा है। प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिनों में 22,682 करोड रपये का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 9440 करोड रपये ज्यादा है।
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