- लोकसभा से पदोन्नति में आरक्षण बिल पास कराने को लेकर 18 जुलाई से चलने वाले मानसून सत्र के पहले संघर्ष समिति ने सभी राजनीतिक दलों से उठायी मांग उनकी पार्टी स्पष्ट करे पदोन्नति बिल पर अपनी राय
लखनऊ, 15 जुलाई 2018: आरक्षण मुद्दे पर आज संघर्ष समिति उप्र के संयोजक मण्डल की एक आपात बैठक में 18 जुलाई से चलने वाले लोकसभा के मानसून सत्र में पदोन्नति बिल पास कराने की रणनीति पर चर्चा हुई। संघर्ष समिति के नेताओं ने सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों से यह मांग की है कि उनकी पार्टी लोकसभा के आगामी मानसून सत्र के पहले यह स्पष्ट करे कि उनकी पार्टी पदोन्नति बिल पास कराने के पक्ष में है अथवा नहीं। जिससे आरक्षण समर्थक अपनी रणनीति के तहत अपनी कार्ययोजना बनाकर अपने वोट की ताकत का एहसास करायें।
उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति के नेता लगातार अलग-अलग टीम बनाकर दलित सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं और पदोन्नति बिल पास कराने के लिये योगदान मांग रहे हैं। 2019 का चुनाव नजदीक है। इस बार बाबा साहब द्वारा बनायी गयी संवैधानिक व्यवस्था पदोन्नति में आरक्षण पर जो भी मा. दलित सांसद अपना रूख स्पष्ट नहीं करेगा। उनके खिलाफ आरक्षण समर्थक अपनी रणनीति के तहत उनके लोकसभा क्षेत्र में संवैधानिक आन्दोलन कर जनता को जागरूक करेंगे और उन्हें यह बतायेंगे कि आरक्षित सीट से जीतकर आने के बाद मा. सांसद जी द्वारा बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था को बचाने के लिये कोई योगदान नहीं दिया गया और उनकी पोल खोली जायेगी।







