लखनऊ, 06 फरवरी 2019: आज बुधवार को स्वास्थय टीम ने महानगर में सप्ताहिक बुद्ध बाज़ार, डी व ई ब्लाक राजाजीपुरम, नाला मलिन बस्ती तहसील मलिहाबाद एवं विकास खंड बक्शी का तालाब में जाकर स्पर्श कुष्ठ रोग अभियान के अंतर्गत लोगों में हैण्ड बिल बाँट कर इस रोग के बारे में जागरूक किया।
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ पी.के.अग्रवाल ने बताया कि 30 जनवरी से जिले में स्पर्श कुष्ठ रोग अभियान चलाया जा रहा है और 15 फरवरी से 28 फरवरी तक घर घर जाकर कुष्ठ खोजी अभियान चलाया जाएगा। इसी के तहत विभिन क्षेत्रों में स्वास्थय टीम जा जाकर लोगों को कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी दे रही है। अभी तक हमने मिश्री बाग, मल्लाही बाग, ठाकुरगंज रिक्शा कालोनी, एल.डी.ए. कानपुर रोड स्थित मलिन बस्ती में जाकर लोगों को जागरूक किया है। आने वाले दिनों में हम 7 फरवरी को अमीनाबाद के साप्ताहिक बाज़ार, मलिन बस्ती रिंग रोड टेढ़ी पुलिया के निकट विकास नगर, 8 फरवरी को बंथरा बाज़ार व नट बस्ती तथा 9 फरवरी को मवैया मलिन बस्ती में अभियान चलाएंगे।
क्या है कुष्ठ रोग?
कुष्ठ रोग बहुत ही कम संक्रामक रोग है जो रोगाणु माईकोबेक्टेरियम लेप्री के कारण होता है। यह मुख्य रूप से चमड़ी और तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है।, यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है तथा औसतन तीन वर्ष में इसके लक्षण दिखाई देते हैं। कुष्ठ रोग किसी भी आयु में स्त्री व पुरुष को भी हो सकता है।
कुष्ठ रोग की शंका कब करनी चाहिए ?
• त्वचा पर दाग।
• दाग में सुन्नता
• दाग में जलन, चुभन, आँखों में कमजोरी
• नसों में सूजन, मोटापन, या दर्द
• चेहरे, शरीर और कान पर गांठें, छाले और घाव जिसमें दर्द न हो
• हाथ व पैरों में विकृति हो
उपचार
- कुष्ठ रोग पूर्णतया साध्य है।
- सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है।
- जल्द जांच समय पर इलाज करने से इस रोग से मुक्ति मिल सकती है व विकलांगता से बचा जा सकता है।
- भ्रांतियाँ
- कुष्ठ रोग पूर्व जन्म में किया गए पापों का फल नहीं है।
- सफ़ेद दाग कुष्ठ रोग नहीं है।







