प्रदर्शनी में बच्चों की कला कृतियों ने उकेरीं देश की भावनाएं
लखनऊ, 24 फरवरी 2019: पुलवामा के शहीदों की यादों की महक में कांटों की चुभन भी है। देश के बच्चे बूढ़े जवान सब शहीदों की शहदत को नमन कर रहे हैं। बच्चे-बच्चे में नापाक पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर आक्रोश है। कला हो या संवाद देश प्रेम का जज्बा हर अभिव्यक्ति में उद्वेलित हो रहा है। स्कूली बच्चों में भी देश की तरक्की और जरूरतों के साथ शहीदों की शहादत का अहसास है। आज एक स्कूल में आयोजित बच्चों की विज्ञान प्रदर्शनी में भी देशप्रेम का मनोविज्ञान उभर आया।
मौका था वाई आर मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में स्कूल प्रांगण में विज्ञान प्रदर्शनी का। “एक कदम स्वच्छता की ओर” विषयक प्रदर्शनी में विज्ञान कम देश के जज्बे का मनोविज्ञान सिर चढ़कर बोल रहा था। वीर जवानों को नमन करती एक बच्चे की क्राफ्ट कृति पाकिस्तानी और उसके द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर आक्रोश व्यक्त कर रही था। इस कृति का कैप्शन था-
“दूध मांगेंगे तो खीर दूंगा,
कश्मीर मांगोंगे तो चीर दूंगा”।
इस प्रदर्शनी में स्कूल के बच्चों द्वारा सृजित कृतियों में विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान की झांकियां प्रस्तुत की गयीं थीं।
स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ, चिकित्सा विज्ञान में आर्युवेद का महत्व, आदर्श गांव, आतंकवाद का खात्मा, पुलवामा शहीदों को नमन… इत्यादि विषयों पर बनायीं गई कला कृतियां इस विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल थीं।
प्रदर्शनी में स्कूल के जिन बच्चों द्वारा सृजित कृतियां प्रस्तुत की गयीं उनमें आरुषि, सार्थक, लक्ष्य, वैष्णवी, समीक्षा, आन्या इत्यादि शामिल थे।
प्रदर्शनी के समापन अवसर पर कार्यक्रम की आयोजक और स्कूल की प्रधानाचार्या प्रतिमा जायसवाल ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया।







