नफरत की मौत और मोहब्बत की नई जिंदगी का अभिनंदन
सिसकती अशांति के अंधेरों में पैदा होती शांति के उजाले की किरण का अभिनंदन
अभिनंदन नई सुबह का
जिसने अंधेरे छांट दिये
जिसने विध्वंस टाल दिये
मौत की उड़ान भरती
नफरत की सियासत के पंख काट दिये
अभिनंदन जिन्दगी का
जिसने युद्ध टाल दिये
नफरत के अंधेरे, तबाही के वसीले टाल दिये
बिलखते बच्चों के आंसू थाम लिए
अभिनंदन उस कदम का जिसने लाशों के ढेर लगाने के मंसूबे पछाड़ दिये
कटे सरों के ढेरों पर हुकूमत के ताज उतार लिए
अभिनंदन जिनेवा समझौता करने वाले उस शांति दूत का
जिसकी दूरदर्शिता के आगे जिन्दगी जीत गई और मौत हार गयी।
– नवेद शिकोह







