अभिनन्दन को भारत को सौपने में पाकिस्तान ने जो झूठ पर झूठ का सहारा लेकर देरी की उससे तो पूरा विश्व वाकिफ है लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान का झूठ का पर्दा बार बार बेनकाब हो रहा है। वैसे देखा जाये तो युद्ध केवल हथियारों के सहारे ही नहीं लड़ा जाता, प्रचार-प्रसार माध्यमों के जरिये मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी लड़ा जाता है, ताकि शत्रु देश की जनता और सेना का मनोबल तोड़ा जा सके। इसमें बढ़-चढ़ कर दावे किए जाते हैं, झूठ और दुष्प्रचार का सहारा लिया जाता है। जब पाकिस्तान की वायु सेना ने नियंत्रण रेखा का अतिक्रमण कर भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो इसका नजारा बहुत साफ-साफ दिखा। इसके बाद जब भारतीय सेना के तीनों अंगों ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया, तो पाकिस्तान के कई झूठ पर से पर्दा हट गया।
यहां ध्यान देने की बात यह है कि भारत ने आत्मरक्षा में बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। ऐसे में पाकिस्तान से उम्मीद थी कि वह ऐसा कोई आचरण नहीं करेगा, जिससे यह दिखे कि वह आतंकवाद का संरक्षक है। लेकिन उसने भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश करके न केवल यह दिखा दिया कि वह आतंकवाद का संरक्षक है, बल्कि वह आक्रामक व्यवहारकर्ता भी है। उसने अमेरिका के साथ अपने उस वादे को भी तोड़ा है, जिसके तहत उसे दिए गए एफ-16 युद्धक विमान को किसी दूसरे देश के खिलाफ आक्रमण के लिए इस्तेमाल नहीं करना था।
अमेरिका ने उसे यह विमान आतंकवाद के खिलाफ नियंतण्र लड़ाई के लिए दिया था। लेकिन पाकिस्तान ने उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया। पाकिस्तान ने इसे छिपाने की भरसक कोशिश की, लेकिन भारत ने उसके झूठ को बेनकाब कर दिया। तीनों सेनाओं के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में एफ-16 विमान में लगाई जाने वाली मिसाइल एआईएम-120सी एमरान के उस टुकड़े को दिखाया गया, जो भारतीय भू-भाग में मिले हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान का यह झूठ भी नहीं छिप सका कि उसके एफ-16 विमान को मिग-21 बाइसन ने मार गिराया था।
भारत में इस बात की चिंता पहले से ही जताई जाती रही है कि अमेरिका द्वारा आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान को दिए जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो सकता है। अब वह यथार्थ रूप में सामने आ चुका है। पाकिस्तान की इस कार्रवाई ने प्रकारांतर से अमेरिका की किरकिरी करा दी है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका इस पर क्या और कैसे प्रतिक्रिया करता है?







