पंचकूला, चंडीगढ़ से: डॉ दिलीप अग्निहोत्री
लायंस क्लब निर्धनों की सहायता करने वाला संघठन है। भारत में इसके सदस्य राष्ट्रीय परिस्थियों के अनुरूप समाज सेवा करते है। इसमें वार्षिक बैठक और उसी में वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर द्वितीय का चुनाव होता है। इसी निर्वाचित वाइस डिस्ट्रिक्ट द्वितीय को अनुमोदन के साथ एक वर्ष बाद वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रथम बनाया जाता है। इसके एक वर्ष बाद वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रथम को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बनाया जाता है। इनका कार्यकाल एक वर्ष होता है। कार्यकाल समाप्ति से पहले डिस्ट्रिक्ट गवर्नर द्वितीय का चुनाव वार्षिक बैठक में सम्पन्न होता है। यह क्रम चलता रहता है।अंतरराष्ट्रीय लायंस क्लब ने अपने संगठन में अनेक जिलों को मिलाकर एक डिस्ट्रिक्ट को इकाई माना है। लायंस क्लब तीन सौ इक्कीस बी वन में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चौदह जिले है। इनमें लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, शाहजहांपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत,बलरामपुर, गोण्डा, काशीपुर, नैनीताल, हल्द्वानी ऊधमपुर नगर,आदि जिले शामिल है।
बीस अप्रैल को लायंस डिस्ट्रिक्ट तीन सौ इक्कीस बी वन की बाईसवीं वार्षिक बैठक पनकुला चंडीगढ़ में हुई।
इसमें इंटरनेशनल लायंस क्लब के डायरेक्टर स्वयंसेवी संस्था डॉ नवल मालू थे। वह महाराष्ट्र के चौबीस जिलों को मिलाकर बने लायंस डिस्ट्रिक्ट के गवर्नर रह चुके है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के कार्य में पेसेन्स अर्थात धैर्य की जरूरत होती है। यह नहीं होगा तो व्यक्ति पेशेंट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लायंस की सदस्य संख्या बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए। पांच लाख सदस्यों को अगले तीन वर्ष में किसी न किसी प्रकार की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे समाज के वंचित वर्ग को राहत पहुंचाने वाले कार्य कुशलता के साथ करना संभव होगा।
डाइबटीज सहित कई बीमारियां आजकल सामान्य हो रही है। बड़ी आबादी इससे पीड़ित है। इस बीमारियों से पीड़ित निर्बल वर्ग के लोगों के इलाज हेतु लायंस क्लब को विशेषज्ञ डॉक्टरों को जोड़ना चाहिए। उनका सहयोग लेना चाहिए। जर्नी फ़ॉर पीस कार्यक्रम भी समाज के लिए उपयोगी है। इस दिशा में भी क्लब को प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सिंगापुर के एक टैक्सी ड्राइवर का उदाहरण दिया। जो भारतीय पर्यटक को कुछ अधिक दूरी वाले रास्ते से गंतव्य तक ले गया। लेकिन उसने कम दूरी वाले रास्ते के हिसाब से कम किराया ही लिया। यह बताया कि मैं आपके मन मे अपने देश के टैक्सी ड्राइवरों की खराब छवि नहीं बनाना चाहता। क्योकि विदेश से आने वाले पर्यटक सबसे पहले टैक्सी ड्राइवरों से ही मिलते है। यदि उनकी छवि खराब होगी तो देश के पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसी ही भावना के साथ लॉयन्स सदस्यों को कार्य करना चाहिए। ईश्वर ने जो अच्छा दिया है, उस पर ही ध्यान देना चाहिए। इससे समाज सेवा की सकारात्मक सोच विकसित होगी। इस भावना से समाजसेवा के बेहतर परिणाम होते है। इस प्रकार की समाजसेवा में मात्र तीन प्रतिशत लोग ही लगे है। ये वह लोग होते है जिनमें किसी की पीड़ा दूर करने का जज्बा होता है।
लायंस बोध कार्यक्रम भी सदस्यों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करता है। इस संस्था का मूल उद्देश्य समाज की सेवा करना है। विभिन्न कार्यक्रम चलाकर गरीबों की मदद की जाती है। सभी लायन सदस्यों से समाज में रहकर समाज सेवा करने की अपेक्षा की जाती है। लायंस क्लब वस्तुतः लायनवाद पर आधारित है। अच्छी नागरिकता, नैतिकता के गुण सदस्यों में होने चाहिए।एक दूसरे के प्रति विश्वास की भावना उत्पन्न करना व समाज में सेवा करने वाले उत्सुक व्यक्तियों को प्रोत्साहन देना लायंस क्लब का मुख्य उद्देश्य है। निर्बल वर्ग को दान व दुखीजनों को सहानुभूति देकर सहायता करना, अपने कार्य के प्रति उचित विश्वास व निष्ठा रखना तथा आलोचना में संयम व प्रशंसा में उदार होना चाहिये। लायंस क्लब का प्रतीक भी अपने में बहुत कुछ कहता है।
इसमें बैंगनी रंग देश, मित्र व स्वयं के प्रति निष्ठा व ईमानदारी का प्रतीक है। दूसरा रंग शक्ति साहस व समर्पण का प्रतीक है। सुनहरा रंग उद्देश्य के प्रति संजीदगी, न्याय के प्रति उदार, जीवन में शुद्धता व द्रव्य की दानशीलता का प्रतीक है। लिबर्टी इंटेलिजेंस ओवर नेशंस सेटी ही लायंस है। सभी प्राणी हर जगह प्रसन्न और स्वतंत्र हो, शब्द और कायों से सभी के सुख और खुशी में कुछ योगदान दे सके, तभी लायनवाद में आना सार्थक होता है। इस अवसर पर लायंस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के लिए मनोज रुहेला, और वाइस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्रथम पद हेतु कमल शेखर की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया। वर्तमान डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एके सिंह ने रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया।







