अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे 70 वर्षीय नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेशों से कालाधन वापस नहीं आया, जोकि सत्ताधारी पार्टी का एक मुख्य नारा था और ना ही पनामा पेपर्स में नामित लोगों में से किसी को पकड़ा गया।’
बिहार में जदयू के महागठबंधन से अलग होने और बीजेपी के साथ जाने के फैसले पर कई दिनों से चुप पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने रविवार को एक और ट्वीट कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। जिस दिन नीतीश ने बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, उस समय से अब तक शरद यादव ने नई सरकार पर कुछ भी नहीं कहा है।
हालांकि उसी दिन शाम को शरद यादव ने अपने आवास पर बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने इसके संकेत दिए थे कि शरद यादव नीतीश के भाजपा के साथ सरकार बनाने के कदम से नाराज हैं। शरद यादव इससे पहले भी 27 और 28 तारीख को ट्वीट कर चुके हैं।
नीतीश कुमार से नाराज शरद यादव बिहार के मुख्यमंत्री पर तो चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन इस बीच वह मोदी सरकार पर हमलावर हैं। पूर्व एनडीए संयोजक ने कालेधन को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे 70 वर्षीय नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेशों से कालाधन वापस नहीं आया, जोकि सत्ताधारी पार्टी का एक मुख्य नारा था और ना ही पनामा पेपर्स में नामित लोगों में से किसी को पकड़ा गया।’







