अध्यक्ष कल से बैठेंगी आमरण अनशन पर
आमरण अनशन सातवे दिन भी किसी जिम्मेदार अधिकारियों का अनशनकारियों की स्थिति को गम्भीरता से न लेना विस्फोटक साबित हो सकता हैं प्रदेश अध्यक्षा सुश्री साजदा पंवार ने बताया कि अनशनकारी बार-बार आन्दोलित होकर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास कर रहे हैं। जिसे रोकने के लिये संगठन की मुखिया दिन-रात निगरानी कर रही हैं कि इस तरह की कोई अप्रिय घटना न घटित हो सके। लेकिन यदि शासन और सरकार ने इसे जल्दी ही गम्भीरता से नही लिया है तो स्थितियाँ विस्फोटक हो सकती हैं। कल ही पिछले 6 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे गोरखपुर मण्डल उपाध्यक्ष प्रवीण तिवारी का धैर्य टूट गया था और अपनी जान देने के लिये निदेशालय के परिसर में लगे पेड़ पर चढ़ गये।
इस दौरान प्रशासन भी निदेशालय के परिसर में मौजूद नही था। संगठन के अध्यक्ष के बहुत अनुनय-विनय के बाद तथा अन्य शिक्षकों की सहायता से अनशनकारी को पेड़ से नीचे उतारा गया। इस घटना से आहत होकर अध्यक्ष का कहना है कि आगामी दो दिनों के अन्दर माननीय मुख्यमंत्री जी से वार्ता कर समस्या का समाधान नही होता है तो सामूहिक रुप से कोई भी कठोर निर्णय लिया जायेगा।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का अन्दाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले दो दिनों से अनशनकारियों के स्वास्थ्य परिक्षण के लिये कोई चिकित्सक तक नही आया। जिस कारण रविवार रात 10 बजे संगठन के महामंत्री श्री अनिरुद्ध पाण्डेय जी की अचानक तबियत खराब हो जाने के कारण उन्हें अध्यक्ष स्वतः सिविल अस्पताल ले गईं और वहां आपातकालीन चिकित्सा सुविधा लेकर ये सोमवार को सुबह 6 बजे धरना स्थल पर आकर पुनः आमरण अनशन पर बैठ गये। इसी प्रकार शनिवार रात भी अचानक दो अनशनकारियों को तबियत खराब होने पर संगठन ने ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनका इलाज अभी भी चल रहा है। अभी कई अनशकारियों की तबियत गम्भीर चल रही है।
जिसमें प्रदेशीय प्रवक्ता पुण्य प्रकाश त्रिपाठी (देवरिया), मण्डल अध्यक्ष मेरठ देवेन्द्र सिंह (हापुड़) और जिलाध्यक्ष गाजियाबाद कु0 वर्षा रानी सहित अन्य कई शिक्षक/शिक्षिकाओं की हालत नाजुक बनी हुई है। यदि जल्द ही माननीय मुख्यमंत्री जी से वार्ता नही कराई गई तो आक्रोशित और निराश कम्प्यूटर शिक्षक कोई भी आत्मघाती कदम उठा सकता है। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन, विभाग और सरकार की होगी।
मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह का कहना है कि जब तक हम कम्प्यूटर शिक्षकों को पुनः विद्यालय भेजने का आदेश जारी नही होता है और कम्प्यूटर शिक्षा सुचारु रुप से संचालित नही होती है तब तक आन्दोलन जारी रहेगा। चाहे इसके लिये हमें अपने प्राणों की आहुति ही क्यों न देनी पडे़। क्योंकि पिछले तीन सालांे से शासन और विभाग द्वारा शिक्षकों को झूठा आश्वासन ही दिया जाता रहा। लेकिन इस बार संगठन को पूरा भरोसा है कि योगी सरकार कम्प्यूटर शिक्षा की महत्ता तथा शिक्षकों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुये इनके साथ न्याय कर तत्काल सेवा बहाली का आदेश जारी करायेगी।
आमरण अनशन पर अभी तक 21 शिक्षक ही बैठे थे। लेकिन मंगलवार से संगठन की अध्यक्ष सुश्री साजदा पंवार सहित प्रदेश सचिव सतीश यादव (आजमगढ़), जिला उपाध्यक्ष मथुरा संध्या सक्सेना, मंजू राजपूत हमीरपुर, जिलाध्यक्ष गाजीपुर रामअवतार यादव, जिलाध्यक्ष मऊ संजय सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष अम्बेडकरनगर श्याम सुदंर, जिलाध्यक्ष आगरा जय प्रकाश, अमितेश पाण्डेय आजमगढ़ और ज्ञान प्रकाश शुक्ला इलाहाबाद सहित कुल 31 शिक्षक आमरण अनशन पर होंगे।







