Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, July 15
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»धर्म»धर्म-कर्म

    यदि आपका गुरू बलवान है तो आप भाग्यशाली और यदि कमजोर है तो यह करें ?

    By August 3, 2017 धर्म-कर्म No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 682

    गणितज्योतिष के अनुसार बृहस्पति (गुरू) सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी गुरू ताकतवर या सबसे उदार ग्रह है। सप्ताह का चौथा दिन बृहस्पतिवार गुरू से जुड़ा हुआ है। इस दिन बहुत सारे जातक पीले रंग के कपड़े पहने हुए देखे जा सकते हैं।बृहस्पतिवार एवं गुरू ग्रह के जुड़ाव संबंधी कुछ महत्वपूर्ण बातें –
    इस दिन का रंग – पीला एवं केसर और नारंगी के सारे हलके गूढ़े रंग।
    अंक – 3
    दिशा – उत्तर
    रत्न – पुखराज या पीला नीलम
    धातु – सोना
    देवता – गुरू दत्तात्रेय / भगवान ब्रह्मा

    बृहस्पति के संदर्भ में
    “गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर,
    गुरु साक्षात् परमं ब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम:||”

    • गणितज्योतिष के अनुसार 142,800 किलोमीटर के विशाल व्यास के साथ सुनहरे या पीले रंग का ग्रह गुरू सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। यह सूर्य से लगभग 778 मिलियन किलोमीटर दूर स्थित है। इतना ही नहीं, गुरू के अपने 63 प्राकृतिक उपग्रह हैं।
    • गुरू को उच्च कोटि का समझदार ग्रह भी कहा जाता है। यह हर परिस्थिति को विशाल दृष्टिकोण से देखने की क्षमता रखता है। ज्योतिष के अनुसार, गुरू प्रत्येक राशि के पारगमन के लिए लगभग 13 महीनों का समय लेता है। इसके अलावा गुरू नौवीं एवं बारहवीं राशि क्रमशः धनु एवं मीन में स्वगृही होता है। साथ ही, गुरू को कर्क में उच्च का जबकि मकर में नीच का माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों एवं वैदिक ज्योतिष के मुताबिक सूर्य, मंगल एवं चंद्रमा के मित्र ग्रह माने जाते हैं जबकि बुध एवं शुक्र दुश्मन ग्रह हैं हालांकि, शनि के साथ गुरू के संबंध तटस्थ हैं।
    • दूसरी ओर, यह भी बहुत रोचक बात है कि राहु एवं केतु भी गुरू के विरोधी माने जाते हैं, हालांकि, दोनों ग्रह नहीं हैं। गुरू की सकारात्मक शक्ति एेसी है कि उसके साथ कोर्इ भी शत्रुता की भावना रख सकता है। जैसे कि गुरू हर चीज को विस्तारपूर्वक एवं विशाल दायरे में प्रदर्शित करता है एवं जातक तर्क के साथ किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में सफल होते हैं। ज्योतिष के अनुसार यह गुरू का स्वभाव है।

    पौराणिक कथा के संदर्भ में

    • वैदिक ज्योतिष प्रत्येक ग्रह को मानव रूप में प्रदर्शित करता है एवं गुरू शुद्ध सात्विक स्वभाव तथा ब्राह्मण वर्ण का है। साथ ही, बृहस्पति को “प्रार्थना या भक्ति का स्वामी” माना गया है, और देवगुरू (देवताओं के गुरू) भी कहलाते हैं, एक हिन्दू देवता व वैदिक आराध्य हैं।
    • भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार बृहस्पति को अंगिरस ऋषि एवं सुरुप का पुत्र माना जाता है। ऋषि अंगिरस दिव्य तेज से लबरेज थे एवं भगवान ब्रह्मा के पुत्र हैं। गुरू को भगवान ब्रह्मा का प्रत्यक्ष वंशज माना जाता है। बृहस्पति ने प्रभास तीर्थ के तट भगवान शिव की अखण्ड तपस्या कर देवगुरू की पदवी पार्इ। तभी भगवाण शिव ने प्रसन्न होकर इन्हें नवग्रह में एक स्थान भी दिया। ऋषि भारद्वाज के अनुसार भारद्वाज गोत्र के सभी ब्राह्मण इनके वंशज हैं।

    महत्व
    ज्योतिष के अनुसार गुरू अधिकतम शुभ शक्तिशाली और पराक्रमी ग्रह है। इसलिए गुरू की कृपा के बिना मानवीय जीवन में सकारात्मक एवं अच्छी चीजें घटित नहीं हो सकती। गुरू नकारात्मकता एवं बुरी चीजों को जीवन से बाहर फेंकता है।

    बृहस्पति निम्नलिखित पहलुओं, लक्षणों या गुणों का प्रतीक है।

    • आध्यात्मिकता, दिव्यता, सीखना, ज्ञान, उच्च स्तरीय बुद्धि, पवित्र ग्रंथों का ज्ञान, वेद और शास्त्रों, धर्म, दर्शन, अनुष्ठान, शास्त्र, संस्कृति, परंपराओं, मंदिरों या पूजा के स्थानों, बड़प्पन, भक्ति, धर्म, सिद्धांतों और नैतिकता, विकास, शिक्षा, भाग्य, धन, खजाने, अवसर, समझ, उत्साह, आशावाद, ऐश्वर्य, धन, शक्ति, उदारता, दान, दया, सम्मान, स्थिति, गरिमा, कानून और प्रशासन, लंबी यात्राएं और यात्रा, विकास इत्यादि।
    • इसके अलावा गुरू नेताआें, मंत्रियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं व उन जातकों को, जो न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े हुए हैं, प्रचारकों, शिक्षकों, आध्यात्मिक गुरूओं, पुजारियों, संतों, ईश्वरीय पुरुषों, गुरूओं, परोपकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सुधारकों, सलाहकारों, आयोजकों, वित्तदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही साथ, उन सभी पेशों का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो प्रकृति से सम्मानजनक, विशाल और उच्च वर्ग के हैं।

    शिक्षक

    • गुरू, लौकिक मंत्री या सलाहकार या शिक्षक के रूप में भी जाना जाता है, जो लोगों को हमेशा सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है एवं मार्गदर्शन देता है। गुरू का सकारात्मक प्रभाव अध्यात्म और ज्ञान की मदद के माध्यम से मानव को र्इश्वर एवं दिव्य शक्ति से जोड़े रखता है।
    • किसी को भी जीवन में कुछ बनने के लिए एक अच्छे शिक्षक की जरूरत होती है, एवं एक अच्छे शिक्षक के बिना व्यक्ति अपने जीवन में मुश्किल परिस्थितियों में बुरी तरह हार जाता है। व्यक्ति को जीवन के अलग अलग पहलूओं के प्रति जागरूक करने एवं उनके प्रति जिम्मेदार बनाने में बृहस्पति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • गुरू के संदर्भ में एक अच्छी बात यह है कि गुरू शनि ग्रह की तरह कठोरता एवं मुश्किल तरीकों से जीवन जीने का ढंग नहीं सिखाता। गुरू ग्रह उदारता एवं दयालुता भरे तरीकों से जीवन के हर पहलू को समझने में मदद करता है। गुरू सुनिश्चित करता है कि मानव अपने जीवन के अन्य पहलूओं में संतुष्टि के स्तर पर पहुंचने के बाद जीवन के असली सत्य के करीब भी पहुंचे। भगवान गुरू की कृपा से व्यक्ति जीवन में अच्छी संपत्ति, पद प्रतिष्ठा एवं प्रसन्नता को प्राप्त करता है। गुरू जातकों को अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करता है एवं दूसरों की मदद के लिए आगे आने हेतु प्रोत्साहन देता है।
    • परिष्कृत ज्ञान और बुद्धि के माध्यम से गुरू का प्रभाव व्यक्ति की विचारशीलता को सक्रिय करता है एवं कल्पना के क्षितिज को भी विस्तार देता है। व्यक्ति अपनी क्षमताआें के प्रति जागरूक होता है, एवं अपने जीवन से प्रेरित होते हुए जीवन में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने का प्रयास करता है ताकि समाज में उसकी प्रतिष्ठा बढ़े एवं उसका अस्तित्व स्थापित हो सके। बृहस्पति आपको अच्छे एवं बुरे के बीच में अंतर करने की समझ प्रदान करता है। गुरू जीवन के सभी प्रतिकूल पहलुओं को दूर करता है। गुरू का प्रभाव जातकों को जीवन में होने वाली अप्रिय घटनाआें से बचाता है, इसलिए गुरू को रक्षक और पालक भी माना जाता है।
    • ज्योतिष के अनुसार, यदि गुरू जन्म कुंडली में सही स्थान पर स्थित है तो यह आपको बहुत शुभ नतीजे प्रदान करता है। गुरू की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि, मान सम्मान, धन संपदा, प्रसिद्धि, शांति प्रसन्नता, स्वास्थ्य इत्यादि आता है। गुरू कृपा के प्रभाव वाले व्यक्ति को लक्की कह सकते हैं।
    • इसके विपरीत, यदि बृहस्पति नकारात्मक रूप से जातक की जन्म कुंडली में स्थित है, तो अति-आशावाद, मूर्खता, आलोचनीयता, पेट फूलना और शरीर में वसा की समस्याएं, गुर्दे और आंतों की समस्याएं, मानहानि, मधुमेह, अहं की समस्याएं को शिकायत रह सकती है। हालांकि, ज्योतिष ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए उपाय प्राप्त कर चुका है। जिनसे ग्रहों को शक्तिशाली बनाया जा सकता है।
    • क्या आप शुभ एवं लाभकारी गुरू को मजबूत बनाकर जीवन को सुंदर बनाने की इच्छा रखते हैं ? यदि हां तो आप निम्न दिए कुछ सुझावों का अनुसरण करें, जो गणेशजी आपको उपलब्ध करवा रहे हैं। इससे जीवन में खुशी, प्रसन्नता एवं समृद्धि आएगी।
    • भगवान दत्तात्रेय की पूजा करें या आप अपने स्तर पर किसी भी आध्यात्मिक गुरू का चुनाव कर सकते हैं।
    • हर गुरूवार को स्नान करने के पश्चात पीला / भगवा वस्त्र पहनकर 30 बार निम्न दिए मंत्र का जाप करें।

    “Devanaam cha Hrisheemaam cha gurum kanchana sannibham,

    buddhi bhutam trilokesham tam namami brihaspatim”

    या आप निम्न दिए मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं।
    Om brum bruhaspatye namah.

    • किसी गरीब ब्राह्मण को पीले कपड़े, हल्दी, केसर, केले, पीले रंग की दाल आदि का दान करें।
    • गाय को केले खिलाएं।
    • गुरूवार को पीले रंग के कपड़े पहनें।
    • यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाते हैं तो अपने साथ हमेशा पीले रंग का धागा या पीले रंग की वस्तु रखें।
      यदि आप गुरू कमजोर अवस्था में है तो आप संदेही चरित्र या बुरी लत के शिकार लोगों के साथ दोस्ती न करें।

    #बृहस्पतिवार

    Keep Reading

    'Chaos' Reigns at Buddheshwar Temple! Doors Remain Open Until 1 AM; No Fixed Schedule for *Aarti* or *Shayan*

    बुद्धेश्वर मंदिर में ‘अंधेरगर्दी’ का राज! रात 1 बजे तक खुले कपाट, न आरती-न शयन का समय

    Varanasi Municipal Corporation approves ₹100 crore project.

    काशी में बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा 130 फीट शिवलिंग, 20 एकड़ में शिव थीम पार्क

    बड़े मंगल पर करें ये उपाय सभी दुखों को हर लेंगे हनुमान जी

    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    Lucknow: The Fifth 'Bada Mangal' Bhandara Begins Tomorrow—The 'City of Nawabs' to Resound with Chants of Bajrangbali and the Aroma of Rasgullas and Kulfis

    लखनऊ में कल से पांचवां बड़ा मंगल भंडारा: रसगुल्ला-कुल्फी की महक और बजरंगबली के जयकारों से गूंजेगी नवाबों की नगरी

    Meerut's Raj-Rajeshwari

    राजराजेश्वरी मन्दिर की शंकराचार्य ने की थी प्राण-प्रतिष्ठा

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Soniya Bansal Calls Shreya Kalra the Real Game Changer of Lock Upp 2

    सोनिया बंसल ने श्रेया कालरा को बताया ‘रियल गेम चेंजर’

    July 15, 2026
    Trump Claims Positive Talks with Iran, but Tensions Persist in Hormuz

    ईरान पर लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमले, होर्मुज में नाकेबंदी; खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ी

    July 15, 2026
    A golden chapter for Indian women's cricket at Lord's: England crushed by 270 runs; history made.

    लॉर्ड्स पर भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय: इंग्लैंड को 270 रनों से धूल चटाई, इतिहास रचा

    July 15, 2026
    Sonam Wangchuk on hunger strike for the 18th day; Shankaracharya says the PMO must intervene immediately.

    18वें दिन भी अनशन पर सोनम वांगचुक, शंकराचार्य बोले- PMO तुरंत हस्तक्षेप करे

    July 15, 2026
    The spreading web of prostitution: Moral decay and social silence.

    वेश्यावृत्ति का फैलता जाल: नैतिक पतन और सामाजिक चुप्पी

    July 15, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading