जय देवा,जय देवा, जय देवा।
विघ्न हरो ऽऽ ऐ सुत महादेवा।।
आप विराजो हर बरस मेरे नगर।
कृपा की बारिश करो हर एक घर।।
जय देवा,जय देवा, जय देवा।
दुःख हरो संत जनों के प्रभु देवा।।
सजता रहे तेरा ये दरबार सदा।
हमपे अमिट रहे तेरी श्रद्धा सदा।।
जय देवा,जय देवा, जय देवा।
विघ्न हरो ऽऽ ऐ सुत महादेवा।।
कर्तव्यों में आगे माँ पार्वती के दुलारे।
मैया की भक्ति से बने सबसे न्यारे।।
त्याग कर के बने तुम देवों के पूज्य भी।
ब्रह्मांड में एक तुम प्रथम पूज्य ही।।
जय देवा, जय देवा, जय देवा।
विघ्न हरो ऽऽ ऐ सुत महादेवा।।

– सर्वेश यादव*







