अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के आह्वान पर ‘‘देश बचाओं, देश बनाओं‘‘ जनसभा को सम्बोधित किया
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने आज अगस्त क्रांति दिवस पर समाजवादी पार्टी के आह्वान पर आयोजित ‘‘देश बचाओं, देश बनाओं‘‘ जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजों से भारत की मुक्ति का आह्वान किया था जिसमें समाजवादियों ने बढ़चढ़कर भागीदारी निभाई थी। गांधी जी ने जिस सुराज का सपना देखा था उसे पूरा करने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के समाजवादियों की है। आजादी के मूल्यों को बचाए रखना भी हमारा कर्तव्य है।
श्री यादव जनपद फैजाबाद में राजबली स्मारक पब्लिक इंटर कालेज, मड़ना, पूरा बाजार में स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक श्री राजबली यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित सम्मेलन एवं प्रतिमा अनावरण के पश्चात विशाल जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उनके साथ विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष श्री अहमद हसन एवं पूर्वमंत्री श्री राजेंद्र चौधरी लखनऊ से क्रांति रथ में साथ थे।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ छल किया है। उनका कर्जमाफी और आय दुगनी करने का वादा सिर्फ वादा रह गया है। किसान और गरीब संकट में फंस गया है। 36 हजार करोड़ की धनराशि से कुछ नहीं होगा। कर्जमाफी ही एकमात्र समस्या का समाधान नहीं है। जीएसटी और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है। जनता मंहगाई से त्रस्त है और नौजवान बेरोजगारी से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत का नारा तभी सार्थक होगा जब राजनीति स्वच्छ होगी।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में घोर अव्यवस्था है। कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं। अल्पसंख्यक दहशत में हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। संलिप्तता ने व्यवस्था परिवर्तन की ताकतों को पीछे कर दिया है और उसे कमजोर बनाया है।
फैजाबाद में जनसभा के दौरान एक लाख से ज्यादा की भीड़ थी। नौजवानों, किसानों, महिलाओं का जनसैलाब उमड़ आया था। तमाम महिलाएं गोद में बच्चे लिये हुए थी। किसान खेती किसानी छोड़कर सभा में आए थे। गरीब आदमी भी हांफते-दौड़ते श्री अखिलेश यादव को सुनने आ रहे थे। ऐसा लगता था कि जनता अभी भी श्री यादव को ही मुख्यमंत्री मान रही हैं। उन्हें भरोसा है कि उनकी परेशानियों को श्री अखिलेश यादव ही समझते हैं और वही उनका समाधान करेंगे।
लखनऊ से बाराबंकी होते हुए फैजाबाद पहुंचने तक के 150 किलोमीटर के दर्जनों स्थानों पर लाखों लोग जमा थे जो उनका स्वागत करने के लिए उत्साह से भरपूर थे। बरसात में भी वे अपने प्रिय नेता को देखने के लिए घंटों खड़े रहे। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कहा जा सकता है कि श्री अखिलेश यादव अब जननेता बन गए हैं। जनता को उम्मीद दिखती कि श्री यादव ही भाजपा के झूठ का पर्दाफाश कर सकते है।
श्री अखिलेश यादव का स्वागत करने वालों में प्रमुख रहे सर्वश्री अवधेश प्रसाद, अरविन्द सिंह गोप, राजीव कुमार सिंह, राकेश वर्मा, राममूर्ति वर्मा, पवन पांडेय, पूर्व सांसद राम सागर रावत, राजेश यादव राजू, सुरेश यादव, राम सागर यादव, अशोक देव, अनूप सिंह, राहुल सिंह, लीलावती कुशवाहा, हिमांशु सिंह, अभय सिंह, फरीद महफूज किदवई, अब्बास अली जैदी रूस्दी, अनूप बारी आदि। लखनऊ सीमा पर समाजवादी छात्रसभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सुश्री अपूर्वा वर्मा के साथ अखिलेश जी का भव्य स्वागत किया।








