- सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति करने के साथ 11 सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा मंत्री को
लखनऊ, 13 मार्च, 2020: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ मण्डल लखनऊ द्वारा शिक्षक सम्मेलन का आज रविंद्रालय चारबाग लखनऊ में आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी, अध्यक्षता डा. दिनेश चन्द्र शर्मा प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा की गई।
इस बीच सम्मेलन में शिक्षकों द्वारा पुरानी पेंशन बहाल करने, सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति करने सहित 11 सूत्रीय ज्ञापन मंत्री जी को सौंपा गया।
अपने सम्बोधन में माननीय शिक्षा मंत्री डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि बेसिक शिक्षा ही समूची शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है आज उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सुधार हुआ है, छात्र नामांकन में अच्छी प्रगति हुई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बढ़ा है मेरी मान्यता है कि अन्य विभागों में बाहर का आदमी प्रभाव डालकर स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन कर सकता है लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कोई भी सकारात्मक परिवर्तन बिना शिक्षकों के सहयोग से सम्भव नही है। उन्होंने शिक्षक समस्याओं के संदर्भ में आश्वासन दिया कि हम प्रयास में लगे हैं और शीघ्र ही उसके सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे।
मांगे इस प्रकार हैं :
- उत्तर प्रदेश में 01 अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाये।
- प्रदेश भर के 01 लाख 58 हजार 914 बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में से 01 लाख 27 हजार विद्यालयों में
- प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर दिये गये हैं जिससे परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त हो गये हैं। अतः प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद बहाल किया जाये।
- उप्र बेसिक शिक्षा परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम 05 सहायक अध्यापक तथा 01 प्रधानाध्यापक एवं प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम 03 सहायक अध्यापक व 01 प्रधानाध्यापक की संख्या के आधार पर शीघ्र ही शिक्षकों की नियुक्ति की जाये।
- प्रदेश के ऐस्प्रेशनल जनपदों में कार्यरत शिक्षकों के भी उनके गृह जनपद में अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण किये जायें।
- उप्र बेसिक शिक्षा परिषदीय प्रत्येक विद्यालय में लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति की जाये।
- एक ही परिसर में स्थित एक से अधिक प्राथमिक अथवा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलियन पर रोक लगायी जाये।
- प्रदेश के शिक्षकों की 17140 व 18150 न्यूनतम वेतन की विसंगति दूर की जाये।
- प्रदेश के शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भॉति ए0सी0पी0, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, उपार्जित अवकाश एवं प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार का अवकाश प्रदान किया जाये। प्रदेश भर के शिक्षकों को मिलने वाले परिवार नियोजन प्रोत्साहन भत्ते को बहाल किया जाये।
- परिषदीय शिक्षकों के सामुहिक बीमा की बीमित धनराशि रू0 10 लाख करते हुए इसे बहाल किया जाये।
- सेवाकाल में मृत शिक्षकों के आश्रितों को पूर्व की भॉति शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जाये।
शिक्षक सम्मेलन में प्रान्तीय महामंत्री संजय सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भक्तराज राम त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शिवशंकर पाण्डेय, संयुक्त महामंत्री सुरेन्द्र यादव, उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, उपाध्यक्ष देवेन्द्र श्रीवास्तवव, सुधांशु मोहन, वीरेन्द्र सिंह यादव, बृजेश पाण्डेय, गजेन्द्र वर्मा, दिनेश बहादुर सिंह, मुकेश चन्द्र द्विवेदी, रवीन्द्र दीक्षित, संकेत वर्मा, विपिन कुमार सिंह उपस्थित रहे।







