लखनऊ: 14 अगस्त, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज लखनऊ विश्वविद्यालय के केन्द्रीय भोजनालय ‘सेन्ट्रल मेस’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एस0पी0 सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण व कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने उद्घाटन के उपरान्त रसोईघर का निरीक्षण भी किया जिसमें आधुनिक मशीनों द्वारा खाना बनाने, परोसने तथा बर्तन धोने के विशेष उपकरण लगाए गए हैं।
राज्यपाल ने आधुनिक किचन की प्रशंसा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘क्या यहां केवल हाॅस्टल में रहने वाले छात्र भोजन करेंगे या अन्य छात्रों के साथ शिक्षकों को भी भोजन मिलेगा। हमारे समय में तो हाॅस्टल वालों को खाना नहीं मिलता था। क्या कुलाधिपति भी भोजन में शामिल हो सकते हैं ? देखना है कि भोजनालय में छात्र पहले बुलाते हैं या शिक्षक भोजन पर आमंत्रित करते हैं। तभी तो पता चलेगा कि भोजन कैसा है और समय पर मिलता है या नहीं।’
श्री नाईक ने कहा कि वैसे तो लखनऊ विश्वविद्यालय की खबरें रोज समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलती हैं लेकिन आज इस उद्घाटन से अच्छी खबर पढ़ने को मिलेगी। व्यवस्था को बनाए रखना व्यवस्थापकों एवं छात्रों की जिम्मेदारी है। खाना अच्छा हो तो स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है और बौद्धिक स्तर भी बढ़ता है। अच्छा भोजन मिलेगा तो पठन-पाठन भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के विकास के लिए विश्वविद्यालय में जीवन्त वातावरण मिलना चाहिए। राज्यपाल ने चिन्ता जाहिर कि समय से कार्य पूरा न होने के कारण इस प्रोजेक्ट को कास्ट ओवर रन और टाइम ओवर रन का सामना करना पड़ा है, जो ठीक नहीं है।
उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय की बात करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र की हैसियत से अपनी कुछ स्मृतियां ताजा की। उन्होंने कहा कि मेस में उचित व्यवस्था होनी चाहिए। छात्रों के साथ-साथ कुलपति एवं अन्य विशिष्ट लोग भी भोजन में शामिल होते रहें ताकि भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास करेगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल एवं उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।
राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस एवं जन्माष्टमी की बधाई दी
लखनऊ: 14 अगस्त, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी देश एवं प्रदेश वासियों को अपनी हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पवित्र अवसर पर हम सबको भारत माता के उन वीर सपूतों का स्मरण करना चाहिए जिन्होंने अपनी बेजोड़ बहादुरी, अदम्य साहस और महान त्याग से देश को आजाद कराया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी हमारी पूंजी हैं। युवा अपनी क्षमता और ऊर्जा को राष्ट्र के निर्माण हेतु समर्पित करें क्योंकि भावी राष्ट्र के विकास का दायित्व उनके ही कन्धों पर है।
श्री नाईक ने स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या में जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि निःसन्देह हमारी अनेक उपलब्धियाँ हैं लेकिन हमें इतने से संतोष नहीं कर लेना चाहिए। समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक-सामाजिक न्याय दिलाने के लिए हमें अभी मेहनत करनी है। आइये हम एक संवेदनशील प्रशासन के साथ जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें तथा देश को स्वच्छ बनाने एवं पर्यावरण को सुधारने का भी संकल्प लें, जिससे भावी पीढ़ी को स्वच्छ और सुरक्षित भारत विरासत में मिले।
राज्यपाल ने जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा है कि गीता में श्रीकृष्ण के निहित उपदेश आज भी हमारे जीवन में प्रासंगिक हैं, जो हमें लोक मंगल के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के उपदेशों को हम अपने जीवन में उतारें तथा आपसी प्रेम और सौहार्द से रहें।







