-वैज्ञानिक की सलाह, आम की टाफी फायदेमंद के साथ ही स्वादिष्ट भी
लॉकडाउन की स्थिति में घर बैठी किसान परिवार की महिलाओं के लिए इस समय कई उत्पाद बनाने के मौके हैं। कटहल, आम, महुआ आदि के कई तरह के उत्पाद बनाये जा सकते हैं। इससे घर में बैठे रहने के कारण हो रही उबन से छुटकारा के साथ ही लाक डाउन का पालन करते हुए उत्पाद से अच्छी कमाई भी की जा सकती है। इसमें सबसे प्रमुख आम के उत्पाद हैं। विटामिन ए और सी की मात्रा से भरपुर स्क्वैश, जैम, टाफी, मुरब्बा, नेक्टर, रस चटनी, अचार आदि बनाया जा सकता है।
इस संबंध में वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) डाक्टर साधना वैश का कहना है कि आम फलों का राजा है। इसका जो भी उत्पाद बनाया जाय, वह बाजार में जल्द बिक जाता है। कई उत्पाद इसके टिकाऊ भी हैं, जिससे खराब होने का खतरा नहीं रहता। आम के स्क्वैश बनाने के बारे में उन्होंने बताया कि एक लीटर आम का रस, दो किग्रा चीनी, एक लीटर पानी, साइट्रिक एसिड दो ग्राम, पोटैशियम मेटा बाई सल्फाइट दो ग्राम लेना चाहिए।
इसको बनाने की विधि के संबंध में उन्होंने कहा कि आम के गुदे को मिक्सर में पिसकर मलमल कपड़े से छान लें। फिर चीनी व पानी मिलाकर गर्म करें और उसमें साइट्रिक अम्ल को मिला लें। चीनी घुल जाने पर छान लें व रस चीनी के पानी को अच्छी तरह मिला लें। पोटेशियम मेंटा बाई सल्फाइटट को थेड़े से स्क्वैश में घोलकर फिर पूरे स्क्वैश में मिला दें। खाने वाला रंग आवश्यकता अनुसार मिलाकर जार में सूखे स्थान पर रख दीजिए, फिर खुद स्वाद लेने के साथ ही बाजार में भी बेच सकते हैं।
डाक्टर साधना वैश ने बताया कि जैम के लिए एक किलो गूदा के साथ साढ़े सात सौ ग्राम चीनी और दो ग्राम साइट्रिक एसिड की जरूरत होती है। इसके लिए गूद में चीनी डालकर पकाएं और इसे चलाते रहें। अंतिम बिन्दु की जांच करने के लिए पके आम को एक प्लेट में एक चम्मच निकालें, अगर यह फैलता नहीं है तो समझिये जैम तैयार है। अंतिम बिन्दु से पहले ही साइट्रिंक एसिड मिलाएं। यह जैम बाजार की अपेक्षा स्वास्थ्य वर्धक भी है और बच्चों के लिए भी फायदेमंद होगा।
कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव में कार्यरत वैज्ञानिक ने बताया कि आम की टाफी काफी स्वादिष्ट होती है। इसके लिए एक किलो गुदा के साथ एक आठ सौ ग्राम चीनी, 100 ग्राम ग्लूकोज, स्किन मिल्क पाउडर 160 ग्राम, मक्खन या वनष्पति घी 100 ग्राम ले लें। गूदे को छलनी से छानकर उसे पकाएं, जब एक तिहाई रह जाये तो उसमें बाकी सामग्री मिला दें। फिर इतना पकाएं कि भगोने के किनारे को छोड़ना शुरू कर दे। फिर स्वच्छ थाली में घी लगाकर पदार्थ को आधा सेंटीमीटर मोटाई में लगाकर जमा दें। अगर चाहें तो इसमें एसेन्स छिड़क दें। इसके बाद काट लें। टाफी तैयार हो गयी और इसका सेवन करने के साथ ही इसको बाजार में बेचने के लिए तैयार कर लें। कार्यक्रम सहायक अलका कटियार ने कहा कि इस समय महिलाओं में इन कार्यों के प्रति काफी रूचि भी देखने को मिल रही है।







