Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 564 जेहर देखा उहइ कोरोना नाकी में बा दम कब जिउ छूटी तोहसे पापी बेड़ा कइला गर्क छूटल नौकरी भटकत हई रोजगार भी मन्द काने में तोहरे नाम के पीड़ा नाहीं कम।। – डॉ दिलीप अग्निहोत्री