लखनऊ 18, जनवरी 2022: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी ने फेसबुक से लाइव संवाद कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमले किए।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ महिलाओं की ऊर्जा को नियंत्रित करने की बात करते हैं। यह भाजपा, योगी आदित्यनाथ और उनकी पार्टी के नेताओं की महिलाओं के प्रति विचारधारा को स्पष्ट करता है। मैं इससे सहमत नहीं हूं।

file photoकांग्रेस प्रत्याशियों को वोट देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मैं अपनी बहनों को कहना चाहती हूं कि जहां जहां महिला प्रत्याशी हैं, वहां वहां आप उन्हें सपोर्ट कीजिए। उनका संघर्ष आपका भी संघर्ष है।
हस्तिनापुर सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार अर्चना गौतम पर कीचड़ उछालने वाले मामले में श्रीमती प्रियंका गांधी ने पलटवार करते हुए कहा, हस्तिनापुर में जो चुनाव लड़ रही हैं, उन्होंने बहुत संघर्ष किया है और इस जगह पहुंची हैं। उनपर कीचड़ उछाला जा रहा है, मीडिया जिस तरह सवाल कर रहा है, मैं कहना चाहती हूं कि आप नरेंद्र मोदी या किसी पुरुष से ऐसा सवाल क्यों नहीं पूछते? मैं ऐसी राजनीति चाहती हूं जिसमें सकारात्मक बातें हों, जिसमें विकास की बातें हों, जिसमें आपकी बातें हों। हो सकता है कि विपक्षी ये समझें कि हमारे प्रत्याशी कमजोर हैं, लेकिन हमने उनको टिकट इसलिए दिया है ताकि जो लोग अपने जीवन में पीड़ित हैं और संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें मजबूत किया जा सके।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोविड के चलते मैराथन कैंसिल करनी पड़ी, लेकिन हमने ऑनलाइन प्रतियोगिताएं कराने का फैसला किया है। आप में से जो भी लड़कियां इसे लेकर उत्साहित हैं, वे ऑनलाइन भाग ले सकती हैं। उन्होंने कहा हमारी और दूसरी पार्टियों की राजनीति में अंतर है कि हम समझते हैं कि हम आपके प्रति जवाबदेह हैं। जो जवाबदेह नहीं हैं वे जाति और धर्म के आधार पर वोट मांगते हैं। लेकिन हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं इसलिए हमें काम करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि आपके लिए काम करना हमारी ड्यूटी, हमारा धर्म है। हम काम करने के बदले एहसान नहीं जताते। कांग्रेस के समय वैक्सीन निर्माण शुरू हुआ था, हमारा नजरिया था कि यह देश की जरूरत है। हमने एहसान नहीं जताया। चुनाव के पहले शिलान्यास हो रहे हैं, लेकिन वे ये नहीं बताते कि पिछले पांच सात साल में क्या हुआ। वे ये पूछते हैं कि 70 साल में क्या हुआ, लेकिन वे ये नहीं बताते कि खुद क्या किया। जबकि आज जिस बुनियाद पर हम खड़े हैं वह पिछले 70 में बनी है। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी चुनौती है कि राजनीति का मकसद सकारात्मक बने। बंटवारे की राजनीति खत्म करके विकास की राजनीति महत्वपूर्ण है। हमारे सामने आर्थिक चुनौती भी है कि हमारे युवाओं को रोजगार कैसे मिले। स्वास्थ्य और शिक्षा बेहतर हो।







