विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर एक दिवसीय चर्चा: श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी लखनऊ व एबीवीपी अवध प्रांत लखनऊ द्वारा आयोजित
लखनऊ 27 जुलाई: विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर कम्प्यूटर विज्ञान और सूचना प्रणाली विभाग द्वारा एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. बिनीत कुमार गुप्ता द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में एनबीआरआई प्लांट इकोलॉजी और एनवायरनमेंटल साइंस रिसर्च ग्रुप के डॉ. मृदुल कुमार शुक्ला व अनुज श्रीवास्तव महानगर प्रांत संगठन मंत्री एबीवीपी ने शिरकत की।
संगोष्ठी की शुरुआत विभाग के प्रमुख डॉ. बिनीत कुमार गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए की। उन्होंने बताया कि तकनीकी प्रगति के इस युग में, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद, विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. शोभित सिन्हा ने उपस्थित छात्रों और संकाय सदस्यों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्य को विस्तार से समझाया।
मुख्य अतिथि डॉ. मृदुल कुमार शुक्ला ने अपने वक्तव्य में पौधों की पारिस्थितिकी और पर्यावरण विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे पौधों की सही देखभाल और संरक्षण हमारे पर्यावरण को संतुलित रख सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है और इसके लिए हमें प्रत्येक स्तर पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
डॉ. शुक्ला ने कहा, “पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्य नहीं है, यह निरंतर प्रयास और समर्पण की मांग करता है। हमें न केवल पौधों की देखभाल करनी चाहिए, बल्कि जल, वायु और मिट्टी के संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिए।”
संगोष्ठी में छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछे। डॉ. गुप्ता और डॉ. सिन्हा ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण के उपाय अपनाएं।
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. बिनीत कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि डॉ. मृदुल कुमार शुक्ला का धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प दिलाया।
इस संगोष्ठी ने छात्रों और संकाय सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और उन्हें प्रेरित किया कि वे इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं। विभाग द्वारा इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।







