तेल अवीव/तेहरान, 17 जून 2025: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष पांचवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को ईरान ने इजरायल के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए सिलसिलेवार मिसाइल हमले किए, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इजरायल की आपातकालीन सेवा ‘मैगन डेविड एडोम’ के अनुसार, मध्य इजरायल में चार स्थानों पर मिसाइल हमलों में दो महिलाओं और एक पुरुष की जान गई, जिसके साथ ही इजरायल में मरने वालों की कुल संख्या 17 हो गई है।
तेल अवीव में मची तबाही
ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत करीब 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिन्होंने तेल अवीव, हाइफा और रेहोवोत जैसे शहरों को निशाना बनाया। मध्य इजरायल के शहर पेटाह टिकवा में एक आवासीय इमारत पर मिसाइल हमले से भारी नुकसान हुआ, जहां दीवारें जल गईं, खिड़कियां टूट गईं और कई अपार्टमेंट तबाह हो गए। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, जिसमें 74 घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिनमें से एक 30 वर्षीय महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इजरायल की जवाबी कार्रवाई
ईरान के हमलों के जवाब में, इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली वायुसेना ने तेहरान, इस्फहान, और फोर्डो के पास परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया, जिसमें ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र को भारी नुकसान पहुंचा। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके 250 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें छह परमाणु वैज्ञानिक और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख मोहम्मद काजेमी शामिल हैं।
ताजा हालात और वैश्विक प्रतिक्रिया
मंगलवार को तेल अवीव के ऊपर धुआं छाया रहा, और हवाई सायरन की आवाजों ने शहर में दहशत फैला दी। इजरायली नागरिक बंकरों और पार्किंग गैरेज में शरण लेने को मजबूर हैं। एक एक्स पोस्ट में दावा किया गया कि इजरायल के परिवहन मंत्री ने नागरिकों के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने इजरायल को “भयावह जवाब” देने की कसम खाई है, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के निवासियों को शहर खाली करने की चेतावनी दी है और ईरान को परमाणु समझौता करने की सलाह दी है।
तेल की कीमतों में उछाल
इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ईरान के हाइफा तेल रिफाइनरी पर हमले और होर्मूज की खाड़ी को बंद करने की आशंकाओं के बीच तेल की कीमतों में 7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों में महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है।
इजरायल के हमले रुकते हैं, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई बंद कर देगा
ईरान ने कहा है कि यदि इजरायल के हमले रुकते हैं, तो वह भी जवाबी कार्रवाई बंद कर देगा। हालांकि, दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध की आशंका को बढ़ा रही है। वैश्विक समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन और जॉर्डन, इजरायल की रक्षा में सक्रिय हैं, जबकि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) ने इजरायल के हमलों की निंदा की है।
बता दें कि जैसे-जैसे यह संघर्ष बढ़ रहा है, तेल अवीव और तेहरान में आम नागरिक भय और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं।







