नैनीताल,18 जून 2025 : उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसे नैनीताल के सातताल क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से आए कुछ पर्यटकों को एयरगन से संरक्षित पक्षियों का शिकार करते हुए पकड़ा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। स्थानीय लोगों ने इन पर्यटकों को रंगे हाथों पकड़ा और उनकी इस हरकत की कड़ी निंदा की।
यह घटना तब और मार्मिक हो जाती है, जब पता चलता है कि ये पर्यटक कथित तौर पर कुंभ स्नान जैसी पवित्र यात्रा से लौटे थे, फिर भी उनके मन में मासूम पक्षियों के प्रति जरा सी भी दया नहीं दिखी। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये पर्यटक अपनी इस क्रूरता को “बच्चों का शौक” बता रहे थे, जो प्रकृति और जीवों के प्रति उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
पक्षियों के लिए नैनीताल का महत्व
नैनीताल के जंगल और झीलें कई दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों का घर हैं, जैसे ब्रॉडबिल, गोल्डन ओरिओल और दुनिया का सबसे छोटा बाज कॉलर्ड फॉल्कोनेट। ये पक्षी न केवल प्रकृति की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बर्ड वॉचर्स और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। ऐसे में इन मासूम जीवों का शिकार न केवल गैरकानूनी है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपराध भी है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने इस घटना पर गहरा रोष जताया है। सोशल मीडिया पर भी इसकी तीखी निंदा हो रही है, जहां लोग इन पर्यटकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित पक्षियों का शिकार गैरकानूनी है, और दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है।
क्यों है यह खतरनाक?
पक्षियों का शिकार न केवल जैव विविधता को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र को भी असंतुलित करता है। ये छोटे जीव कीट नियंत्रण, बीज प्रसार और पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे शिकार से न केवल स्थानीय वन्यजीव प्रभावित होते हैं, बल्कि पर्यटन पर निर्भर नैनीताल जैसे क्षेत्रों की छवि को भी ठेस पहुंचती है।
प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी क्या है। पर्यटकों को जागरूक करने, सख्त कानूनी कार्रवाई करने और स्थानीय स्तर पर वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता और इसके जीव-जंतु हमारी धरोहर हैं, और इन्हें बचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
सोशल मीडिया पर लोग बोलें :
- Nainital Police Uttarakhand @nainitalpolice: अवगत कराना है कि उक्त मामले में वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की गई है।
- Gyanendra Shukla@gyanu999: देवभूमि पर इन राक्षसों का इलाज करिए सीएम @pushkardhami, वरना ये नरपिशाच पशु पक्षी-पर्यावरण सब नष्ट कर देंगे !!
- Parul Singh @ParulSundeep : इन दुष्टों को तो असली गन से मारना चाहिए। ऐसी मानसिकता के कैसे लोग होते है जो ये सोचते हैं कि बेजुबानों के दिल नहीं होता उनको भी दुःख दर्द महसूस हो या है हमारी तरह।
आइए, इन मासूम पक्षियों की चहचहाहट को बचाएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां भी प्रकृति के इस अनमोल उपहार का आनंद ले सकें।







