नई दिल्ली, 19 जून, 2025: इज़रायल ने “ऑपरेशन राइज़िंग लायन” के तहत ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें तेहरान में बंकर बस्टर बमों से IRGC मुख्यालय, कुद्स फोर्स, और अराक परमाणु सुविधा को निशाना बनाया गया। IDF ने खोरमाबाद बैलिस्टिक मिसाइल बेस को भी तबाह किया। रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने कहा, “खामनेई की सत्ता के हर निशान को मिटा रहे हैं।”
ट्रंप ने इज़रायल के हमलों का समर्थन किया
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल के हमलों का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका ने अभी तक आक्रामक हमलों में हिस्सा नहीं लिया। ट्रंप ने फोर्डो परमाणु सुविधा पर हमले की संभावना जताई, जिसके लिए GBU-57 बंकर बस्टर बम की ज़रूरत होगी, जो केवल अमेरिका के पास है।
- G7 नेताओं ने 17 जून को कनाडा शिखर सम्मेलन में इज़रायल के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की, लेकिन व्यापक युद्ध से बचने की अपील की।
- ट्रंप ने खामनेई को मारने के इज़रायली प्रस्ताव को वीटो किया, लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएँगे।
साइबर हमलों की भी खबरें
- इज़रायल ने तेहरान के ऊपर “पूर्ण हवाई वर्चस्व” का दावा किया है, और IDF ने कहा कि वह ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को पूरी तरह खत्म करने तक हमले जारी रखेगा।
- ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से हटने की धमकी दी है, लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
- साइबर हमलों की भी खबरें हैं, जिनमें ईरानी बैंकों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने जवाब में तेल अवीव और हाइफा पर मिसाइलें दागीं, जिसमें 23 इज़रायली मारे गए। ईरान में 224 की मौत, 1,277 घायल। ट्रंप और G7 ने इज़रायल का समर्थन किया, लेकिन युद्ध विस्तार की चेतावनी दी। तेहरान में नागरिक पलायन और अराजकता की स्थिति है।







