नई दिल्ली, 20 जून 2025: इज़राइल और ईरान के बीच सातवें दिन भी तनाव चरम पर रहा, क्योंकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल हमले जारी रखे। इज़राइल ने ईरान के अराक हैवी वॉटर परमाणु रिएक्टर को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल के बे’र शेवा शहर में सोरोका मेडिकल सेंटर पर मिसाइल दागी, जिससे अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्यस्थता की पेशकश की, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ठुकराते हुए पुतिन को पहले यूक्रेन संकट सुलझाने की सलाह दी।
अराक रिएक्टर और सोरोका अस्पताल पर हमले
इज़राइल ने गुरुवार को ईरान के अराक हैवी वॉटर रिएक्टर और नतांज़ परमाणु संवर्धन केंद्र पर हवाई हमले किए। इज़राइल का दावा है कि ये हमले ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए किए गए, क्योंकि अराक रिएक्टर प्लूटोनियम उत्पादन की क्षमता रखता है, जो परमाणु हथियारों के लिए इस्तेमाल हो सकता है। इज़राइल ने ट्विटर पर अराक रिएक्टर की सैटेलाइट तस्वीर साझा कर वहां से लोगों को निकलने की चेतावनी दी थी।
जवाब में, ईरान ने इज़राइल के सोरोका मेडिकल सेंटर पर बलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हुए। ईरान का कहना है कि उसका निशाना पास का सैन्य ठिकाना था, लेकिन मिसाइल गलती से अस्पताल पर गिरी। इज़राइल ने इसे “नागरिकों पर जानबूझकर हमला” करार दिया। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के अनुसार, इज़राइल के हमलों में ईरान में 639 लोग मारे गए, जिनमें 263 नागरिक शामिल हैं, जबकि ईरान के हमलों में इज़राइल में 24 लोगों की मौत हुई।
इज़राइल का खामनेई पर हमला: “मॉडर्न हिटलर”
इज़राइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई को “मॉडर्न हिटलर” करार देते हुए कहा कि “ऐसे तानाशाह को जीवित रहने का अधिकार नहीं है।” काट्ज़ ने आरोप लगाया कि खामनेई ने अपने एजेंटों, जैसे हिज़बुल्लाह, के ज़रिए इज़राइल को नष्ट करने की साजिश रची। उन्होंने कहा कि इज़राइल अब और तीव्र हमले करेगा ताकि ईरान की सरकार को “अस्थिर” किया जा सके।
खामनेई की चेतावनी: अमेरिका भुगतेगा गंभीर परिणाम
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग को “धमकी भरा और हास्यास्पद” करार दिया। खामनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस युद्ध में शामिल हुआ तो उसे “अपूरणीय क्षति” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “युद्ध का जवाब युद्ध से, बमबारी का जवाब बमबारी से, और हमले का जवाब हमले से दिया जाएगा।” ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य बेहनाम सईदी ने कहा कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने पर विचार कर रहा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% हिस्सा संभालता है।
पुतिन की मध्यस्थता की पेशकश, ट्रंप का तंज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में कहा कि वह इज़राइल-ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थता कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि मॉस्को एक ऐसा समझौता करा सकता है, जिसमें ईरान शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम जारी रखे और इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं का समाधान हो। पुतिन ने कहा, “हम किसी पर कुछ थोप नहीं रहे, बस एक समाधान का रास्ता सुझा रहे हैं।” उन्होंने यह प्रस्ताव ईरान, इज़राइल और अमेरिका को भेजा।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के प्रस्ताव पर तंज कसते हुए कहा, “पहले अपना यूक्रेन वाला मामला सुलझाओ, फिर मिडल ईस्ट की चिंता करना।” ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अगले दो हफ्तों में फैसला करेंगे कि क्या अमेरिका इज़राइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला करेगा।
ट्रंप की रणनीति: युद्ध या कूटनीति?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने उनके 60 दिन के अल्टीमेटम को नजरअंदाज किया, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने को कहा गया था। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान “कुछ हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है,” हालांकि उनकी अपनी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में नहीं बढ़ रहा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वह खामनेई की हत्या पर विचार कर सकते हैं, लेकिन “अभी के लिए” ऐसा नहीं करेंगे।
वैश्विक प्रतिक्रिया
- रूस और चीन: पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इज़राइल के हमलों की निंदा की और तत्काल युद्धविराम की मांग की।
- यूरोप: फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने कूटनीतिक समाधान की वकालत की। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि सैन्य रास्ते से ईरान में शासन परिवर्तन की कोशिश “अराजकता” को जन्म देगी।
- संयुक्त राष्ट्र: यूएन के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने दोनों पक्षों से नागरिकों को निशाना न बनाने की अपील की।
तेल की कीमतों में 8-13% की उछाल
इज़राइल ने कहा कि वह ईरान के परमाणु और सैन्य ढांचे को और नुकसान पहुंचाएगा, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों की धमकी दी है। तेल की कीमतों में 8-13% की उछाल देखी गई, क्योंकि ईरान और उसके पड़ोसी देश वैश्विक तेल आपूर्ति में अहम भूमिका निभाते हैं।
यह युद्ध न केवल मध्य पूर्व, बल्कि वैश्विक स्थिरता और ऊर्जा बाजारों के लिए खतरा बन गया है। पुतिन की मध्यस्थता की पेशकश और ट्रंप का फैसला आने वाले दिनों में इस संकट की दिशा तय करेगा।







