तेल अवीव, 21 जुलाई। इजरायल और हमास के बीच गाजा में डेढ़ साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने और बंधकों की रिहाई की मांग को लेकर इजरायल में जनाक्रोश फूट पड़ा है। हजारों लोग तेल अवीव की सड़कों पर उतर आए, जो बंधकों की सुरक्षित वापसी और युद्धविराम के लिए एक व्यापक समझौते की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस संकट को हल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उनके हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था, “ट्रंप, बड़ा समझौता कराओ!” और “युद्ध खत्म करो, बंधकों को घर लाओ!”
लगभग 50 बंधकों की रिहाई का दबाव
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में 251 लोग बंधक बनाए गए थे, जिनमें से 50 अभी भी गाजा में हैं। इजरायल के अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 20 से 24 बंधक जीवित हैं, जबकि शेष के मृत होने की पुष्टि हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर में आयोजित साप्ताहिक रैली में हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें बंधकों के परिजन भी थे। प्रदर्शनकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि सभी बंधकों की रिहाई के लिए एक व्यापक समझौता हो, न कि आंशिक। रैली के बाद प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने की योजना बना रहे हैं।
हमने अधिकांश बंधकों को वापस ला दिया है: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि इजरायल ने 60 दिनों के युद्धविराम की शर्तों को स्वीकार कर लिया है, और वह हमास से भी इस समझौते को मानने का आग्रह कर रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अगले सप्ताह तक एक समझौता हो सकता है, जिसमें 10 जीवित और 18 मृत बंधकों की रिहाई शामिल है। उन्होंने व्हाइट हाउस में बंधकों के परिजनों से मुलाकात के दौरान कहा, “हमने अधिकांश बंधकों को वापस ला दिया है, और जल्द ही 10 और की रिहाई होगी।” हालांकि, हमास का कहना है कि वह तभी सभी बंधकों को रिहा करेगा, जब इजरायल गाजा से पूर्ण सैन्य वापसी और युद्ध समाप्त करने की गारंटी देगा।
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर बढ़ता देश का दबाव
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अपने ही देश में दबाव बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारी और बंधकों के परिजन नेतन्याहू पर युद्ध को लंबा खींचने और अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगा रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी, योतम कोहेन, जिनके भाई निमरोद बंधक हैं, ने कहा, “आंशिक समझौता क्यों? सभी बंधकों को वापस लाने के लिए पूर्ण समझौता होना चाहिए।” हालिया पोल में 60-70% इजरायली युद्ध खत्म करने और बंधकों की रिहाई के पक्ष में हैं, लेकिन नेतन्याहू पर भरोसा कम है।
मानवीय संकट और गहरा सकता है : ट्रंप प्रशासन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो गाजा में मानवीय संकट और गहरा सकता है, जिसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ेगा। गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध में अब तक 57,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। इजरायल द्वारा हाल ही में गाजा में सहायता आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों की संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने कहा, “हम गाजा के लोगों के लिए भोजन और सहायता सुनिश्चित करेंगे, लेकिन हमास इसे बाधित कर रहा है।”
ट्रंप का विवादास्पद प्रस्ताव : मिडिल ईस्ट का रिवेरा
ट्रंप के एक विवादास्पद बयान ने भी तनाव बढ़ाया है, जिसमें उन्होंने गाजा को “मिडिल ईस्ट का रिवेरा” बनाने के लिए वहां से फिलिस्तीनियों को “अस्थायी रूप से” हटाने की बात कही थी। हमास और फिलिस्तीनी नेताओं ने इसे “नरसंहार” और “नकबा” की पुनरावृत्ति करार दिया। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
अब आगे क्या होने की सम्भावना है ?
दोहा में चल रही मध्यस्थता वार्ता में कतर, मिस्र और अमेरिका शामिल हैं, लेकिन प्रगति धीमी है। इजरायल की मांग है कि हमास आत्मसमर्पण करे और गाजा का नियंत्रण छोड़े, जबकि हमास स्थायी युद्धविराम और सैन्य वापसी चाहता है। बंधकों के परिजनों का कहना है कि समय बीतने के साथ उनके प्रियजनों की जान खतरे में है। एक पूर्व बंधक, कीथ सीगल, जिन्हें फरवरी 2025 में रिहा किया गया था, ने कहा, “ट्रंप के पास सभी बंधकों को वापस लाने की ताकत है। अब कार्रवाई का समय है।” जोकि लोग इन्तजार में हैं।
फिलहाल गाजा में युद्ध और बंधकों का संकट अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। इजरायल की जनता की मांग और ट्रंप की कोशिशें क्या रंग लाएंगी, यह आने वाला समय बताएगा।







