नई दिल्ली : ईरान ने इजरायल और अमेरिका के हालिया हमलों के बाद अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तुर्किये के इस्तांबुल में आज, 25 जुलाई 2025 को, ईरान ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी (E3) के साथ उप-विदेश मंत्रियों के स्तर पर परमाणु वार्ता शुरू करने जा रहा है। इस बैठक में यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास भी शामिल होंगी। यह युद्धविराम के बाद पहली ऐसी वार्ता है, हालांकि मई 2025 में भी इस्तांबुल में इसी तरह की बैठक हो चुकी है।
बातचीत के प्रमुख मुद्दे : ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के अनुसार, वार्ता दो मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित होगी: ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना।
E3 का रुख और स्नैपबैक की चेतावनी
जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्टिन गिसे ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। E3 देश (ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी) और अमेरिका एक स्थायी, सत्यापन योग्य कूटनीतिक समाधान के लिए काम कर रहे हैं। गिसे ने चेतावनी दी कि यदि अगस्त 2025 के अंत तक कोई समाधान नहीं निकला, तो E3 के लिए स्नैपबैक तंत्र (JCPOA के तहत सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पुनः लागू करना) एक विकल्प रहेगा।
ईरान ने जवाब में विफल रहने का लगाया आरोप
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर E3 पर 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) की प्रतिबद्धताओं को निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि E3 के पास स्नैपबैक तंत्र लागू करने का कोई कानूनी, राजनीतिक या नैतिक आधार नहीं है।
अमेरिका ने किए थे ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले
जून 2025 में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग समाप्त कर दिया। IAEA के अनुसार, ईरान के पास 60% तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार है, जो शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए आवश्यक स्तर (5%) से कहीं अधिक है। हाल के हमलों के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ है और वह इसे गुप्त रूप से आगे बढ़ा सकता है।
अपने परमाणु कार्यक्रम को नहीं रोकेगा ईरान
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को नहीं रोकेगा, इसे “राष्ट्रीय गर्व” का विषय बताते हुए। तुर्कiye में होने वाली यह बैठक क्षेत्रीय तनाव को कम करने और प्रतिबंधों के मुद्दे पर प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, लेकिन स्नैपबैक तंत्र की चेतावनी और ईरान का आक्रामक रुख इसे जटिल बनाते हैं।







