नई दिल्ली, 12 अगस्त 2025: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो के एक बयान के जवाब में तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को, मिथुन ने कहा, “अगर हमारी खोपड़ी सनक गई, तो एक के बाद एक ब्रह्मोस मिसाइलें चलेंगी। हम एक बांध बनाएंगे, जहां 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे, फिर उसे खोल देंगे। पाकिस्तान में सुनामी आ जाएगी।” यह बयान सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर तेजी से वायरल हो गया।
बिलावल भुट्टो को करारा जवाब
मिथुन का यह बयान बिलावल भुट्टो के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को खत्म करने की संभावित कार्रवाई पर टिप्पणी की थी। बिलावल ने भारत के इस कदम को “पाकिस्तान के खिलाफ पानी का हथियार” बताते हुए आलोचना की थी। जवाब में, मिथुन ने अपने इस बयान से न केवल बिलावल को निशाना बनाया, बल्कि भारत की ताकत और एकता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, “ऐसी बातें करते रहेंगे, तो हमारी ताकत देख लो। हम ब्रह्मोस मिसाइलों की बरसात कर सकते हैं।”
प्रतिक्रियाओ में लोग बोलें हमें कूटनीति से जवाब देना चाहिए
मिथुन के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी। कुछ लोगों ने इसे एक मजबूत और देशभक्ति से भरा जवाब माना, तो कुछ ने इसे आक्रामक और कूटनीति के लिहाज से अनुचित बताया। बीजेपी समर्थकों ने इसे “पाकिस्तान को खुली चेतावनी” करार दिया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसकी भाषा पर सवाल उठाए। कांग्रेस के एक नेता ने टिप्पणी की, “ऐसे बयान दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं। हमें कूटनीति से जवाब देना चाहिए।”
चुनावी विवाद से संबंध
मिथुन चक्रवर्ती, जो एक प्रसिद्ध अभिनेता और बीजेपी के सक्रिय नेता हैं, हाल ही में कोलकाता में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उनके इस बयान को कई समाचार चैनलों ने प्रमुखता से दिखाया। यह बयान 12 अगस्त 2025 को दिया गया, जैसा कि विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट और समाचार स्रोतों से पुष्टि हुई है।
हालांकि यह खबर मिथुन के बयान पर केंद्रित है, लेकिन इसका समय राहुल गांधी के हाल के दावों के साथ भी मेल खाता है, जिसमें उन्होंने 2024 लोकसभा चुनावों में मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया था। मिथुन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत-पाकिस्तान संबंधों और आंतरिक राजनीतिक बहस दोनों ही गरमाए हुए हैं।
मिथुन के बयान ने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही कूटनीतिक तनातनी को और हवा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु जल संधि जैसे मुद्दों पर दोनों देशों को बातचीत के जरिए समाधान खोजना चाहिए। मिथुन के इस बयान के बाद पाकिस्तान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बयान दोनों देशों के बीच संबंधों को कैसे प्रभावित करता है।







