अखिलेश यादव का तीखा प्रहार कहा, ‘मनुवादी साजिश ने तोड़ा दलित अफसर का हौसला, न्याय की घंटी बजा रहे हैं’
नई दिल्ली: हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की कथित आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सुसाइड नोट में जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और प्रशासनिक साजिशों के गंभीर आरोप लगाने वाले इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने इसे ‘मनुवादी ताकतों की साजिश’ करार देते हुए कहा कि BJP शासन में दलित अधिकारियों का उत्पीड़न चरम पर पहुंच गया है।
“यह गंभीर विषय है कि एक आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली और जाति के आधार पर उसे अपमानित किया जा रहा है, और एक चीफ जस्टिस पर जूता फेंकना, इससे खराब बात देश के लिए क्या हो सकती है।”
– राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
जयप्रकाश नारायण की जयंती पर कार्यकर्ताओं के साथ संपूर्ण क्रांति का संकल्प लेते समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ! उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और पीडीए समाज के उत्थान के लिए कटिबद्ध समाजवादी पार्टी, 2027 में जेपी स्मारक के साथ लहराएगी जीत का परचम।
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर 7 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद पूरन कुमार की पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 14 अधिकारियों पर एफआईआर की मांग की है। सुसाइड नोट में पूर्व डीजीपी मनोज यादव से लेकर रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया तक के नाम हैं, जो कथित तौर पर 2020 से ही पूरन कुमार को मंदिर दर्शन जैसी छोटी बातों पर तंग करते रहे। नोट में लिखा है कि SC/ST एक्ट के तहत शिकायतें दबाई गईं और प्रमोशन में भेदभाव किया गया।
अखिलेश यादव का तीखा प्रहार कहा, ‘मनुवादी साजिश ने तोड़ा दलित अफसर का हौसला, न्याय की घंटी बजा रहे हैं’
अखिलेश यादव ने लखनऊ से जारी बयान में कहा, “यह गंभीर विषय है कि एक आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली और जाति के आधार पर उसे अपमानित किया जा रहा है, और एक चीफ जस्टिस पर जूता फेंकना, इससे खराब बात देश के लिए क्या हो सकती है। मनुवादियों ने देश को बर्बाद कर दिया। पूरन कुमार जैसे मेहनती दलित अफसरों का खून बहा रहे हैं, लेकिन लीपापोती जारी है। हम न्याय के लिए सड़कों पर उतरेंगे।” यादव ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से तत्काल SIT जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
दलित संगठनों ने चंडीगढ़ और रोहतक में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी इसे ‘जातिवादी घृणा का चरम’ बताया, जबकि BSP सुप्रीमो मायावती ने सरकार को ‘शोषण का साथी’ ठहराया। हरियाणा सरकार ने रोहतक एसपी बिजारणिया का ट्रांसफर कर SIT गठित की है, लेकिन परिवार पोस्टमॉर्टम से इनकार कर रहा है। यह मामला अब न्यायिक जांच की मांग के साथ राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है।