प्रस्तुति : नीतू सिंह
“जब दिल धड़कता है, तो गीत खुद-ब-खुद निकलते हैं।” इन शब्दों को साकार करने वाली शख्सियत हैं पलक मुछाल -एक गायिका, जिन्होंने अपनी आवाज़ को सिर्फ़ स्टेज तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे हज़ारों छोटे-छोटे दिलों की धड़कन बना दिया।
शुरुआत: एक छोटी सी ख्वाहिश से
इंदौर की रहने वाली पलक को बचपन से गाना पसंद था। 11 साल की उम्र में उन्होंने पहला स्टेज शो किया। पैसे मिले — 2500 रुपये। घर लौटीं तो माँ से बोलीं, “माँ, इन पैसों से किसी गरीब बच्चे का इलाज करा दो।”
बस यहीं से शुरू हुआ एक अनोखा सफर।

3800 + धड़कनें, 3800 + बेबी डॉल्स
आज पलक ने अपनी कमाई से 3800 से ज़्यादा बच्चों की हार्ट सर्जरी कराई है। हर सर्जरी की कीमत? 3 से 10 लाख रुपये।
और हर बच्चे के लिए एक खास रिवाज़ —
उसके नाम का बेबी डॉल।
उनके कमरे की एक दीवार पर सैकड़ों रंग-बिरंगे डॉल्स लटके हैं। हर डॉल पर लिखा होता है “
आरव, 4 साल, सर्जरी: 12 मार्च 2023” या “सानवी, 2 साल, नई ज़िंदगी: 5 जून 2024”।
पलक कहती हैं, “ये मेरे बच्चे हैं। जब भी उदास होती हूँ, इनकी मुस्कान देखकर हौसला मिलता है।”
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काम का तरीका: सादगी और सिस्टम
कंसर्ट्स: एक शो की फीस – 5.15 लाख। पूरी रकम सीधे एनजीओ को।
फंड ट्रैकिंग: हर पैसे का हिसाब। माता-पिता को रिपोर्ट, बिल, और बच्चे की फोटो।
टीम: डॉक्टर्स, हॉस्पिटल्स, और वॉलंटियर्स का नेटवर्क।
पहचान: सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि हॉस्पिटल के वार्ड में।
वो पल जो सब बदल देता है
एक बार एक 3 साल का बच्चा सर्जरी के बाद पलक के पास आया। उसने अपनी छोटी सी उंगली से पलक का गाल छुआ और बोला, “दीदी, आप गाती हो ना? मेरे लिए गाओगी?”
पलक ने “चंदा चमके” गाया। बच्चे की माँ रो पड़ी। उस दिन पलक को एहसास हुआ गीत सिर्फ़ सुनाने के लिए नहीं, जीने के लिए होते हैं।
लोग क्या कहते हैं?
“पलक मुछाल ने दिखाया कि सच्ची शोहरत पैसे या फॉलोअर्स में नहीं, बल्कि किसी के आंसू पोंछने में होती है।” — शुभा मुद्गल
“इनकी दरियादिली को सलाम। अपने लिए जिया तो क्या जिया, मज़ा तो दूसरों के लिए जीने में है।” — सोशल मीडिया यूज़र
संदेश: ऊपर वाला साथ देता है
पलक कहती हैं, “मैंने कभी प्लान नहीं किया कि 3800 बच्चे बचाऊँगी। बस एक बच्चा बचाया, फिर दूसरा, फिर तीसरा… और ऊपर वाला रास्ते बनाता गया।”
अभी और भी हैं आगे की मंज़िल
अब उनका सपना है हर साल 1000 सर्जरी। इसके लिए वो “Save the Little Hearts” कैंपेन चला रही हैं। आप भी शामिल हो सकते हैं – कैसे – एक गाना सुनें, एक दिल बचाएँ।
- पलक मुछाल सिर्फ़ गायिका नहीं, एक ज़िंदगी बनाने वाली फैक्ट्री हैं।
- जहाँ हर नोट एक साँस बनता है, और हर ताल एक नई सुबह।
“जब तक एक भी बच्चा इंतज़ार में है, मेरा गाना रुकेगा नहीं।”







