सिर्फ दो गांवों में इतने “डिजिटल डाकू”? तो सोचिए पूरे देश में कितने ऐसे सिंडिकेट फैले होंगे?
मथुरा: उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा के सिर्फ दो गांवों में छापेमारी कर 34 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 45 आरोपी मौके से फरार हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इन दो गांवों में करीब 80 साइबर ठग सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो रोजाना लोगों को फोन और डिजिटल माध्यम से ठगने की साजिश रचते थे।
जानकारी के अनुसार साइबर ठगों का बड़ा गढ़ मथुरा के दो छोटे से गांवों जिसमें एक विशंभरा और दूसरा जंघावली में छुपा था ! यूपी पुलिस ने ‘ऑपरेशन बजरंग’ के तहत रविवार सुबह भोर में 240+ पुलिसकर्मियों, 6 ASP/CO और 13 थानों की टीम के साथ छापेमारी की।

जिसमें 34 साइबर अपराधी पकडे गए और जेल पहुंचे, जबकि 45 खेतों-जंगलों में भाग निकले। बता दें कि इस मामले में कुल 80 के करीब नामजद थे ये लोग रोज सुबह उठते और देश-विदेश में फोन, UPI, फेक कॉल्स से लोगों की मेहनत की कमाई लूटते थे। फर्जी आधार, दर्जनों मोबाइल जब्त हुए।
सिर्फ दो गांवों में इतने “डिजिटल डाकू”? तो सोचिए पूरे देश में कितने ऐसे सिंडिकेट फैले होंगे! ये “मिनी जामताड़ा” जैसा माहौल बन चुका है।
इस बड़े सिंडिकेट पर कार्रवाई के लिए 6 एएसपी/सीओ स्तर के अधिकारी और करीब 240 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नेटवर्क कितना संगठित और मजबूत था।
सोशल मीडिया पर भी इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
- एक यूजर कपिल गौर ने लिखा : आजकल पैसा कमाना उतना मुश्किल नहीं है, जितना उसे इन ‘डिजिटल डाकुओं’ से बचाकर रखना है। बंदा मेहनत करके सैलरी लाता है और ये लोग दो मिनट की कॉल में उसे ‘प्रसाद’ समझकर बांट लेते हैं। अब तो अनजान नंबर से ‘हेलो’ आए तो डर लगता है कि कहीं किडनी का पासवर्ड न मांग लें!
- वहीं दूसरे यूजर ने सवाल उठाया कि यदि दो गांवों में 80 साइबर अपराधी हो सकते हैं, तो देशभर में संख्या कितनी होगी?
- संजीव कुमार यादव ने लिखा : “सिर्फ दो गाँवों में 80 साइबर अपराधी? यह सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। जब अपराधी बेखौफ होकर सिंडिकेट चला रहे हैं, तो आम आदमी की मेहनत की कमाई भगवान भरोसे ही है। पुलिस को सिर्फ पकड़ने का नाटक नहीं, बल्कि इन ठगों की कमर तोड़नी होगी ताकि जनता चैन से सो सके।
एक यूजर यश अहमद ने लिखा : गिरफ्तारी अच्छी बात है, लेकिन असली जीत तब होगी जब ऐसे नेटवर्क पूरी तरह खत्म हों। डिजिटल इंडिया के दौर में डिजिटल सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है।
बता दें कि यह घटना केवल गिरफ्तारी की खबर नहीं, बल्कि चेतावनी है। साइबर ठग अब गांवों से संगठित नेटवर्क चलाकर आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर निशाना साध रहे हैं।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2026164687151501376
कैसे रहें सतर्क?
- अनजान नंबर या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
- बैंक डिटेल, OTP या पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
- बैंकिंग और सोशल मीडिया अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय रखें।
देखिए, डिजिटल दौर में कमाई जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है उसकी सुरक्षा। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।







