उत्तर प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारी 20 मार्च से हस्ताक्षर अभियान शुरू करेंगे – प्रधानमंत्री को सौंपेंगे मांगें, जीवनयापन की लड़ाई बताई
बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पुराने पेंशनर्स को कथित रूप से बाहर रखने और वित्त विधेयक 2025 में भेदभाव के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि यह कोई साधारण मांग नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों की बची हुई जिंदगी की लड़ाई है। 20 मार्च से शुरू होने वाला सामूहिक हस्ताक्षर याचिका अभियान चलेगा, जिसमें हर पेंशनर से हस्ताक्षर और ₹10 का अंशदान लिया जाएगा।
21 अप्रैल को प्रदेश के सभी जनपदों में धरना-प्रदर्शन और विरोध सभा होगी, जहां स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह कार्यक्रम आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी धरने के साथ तालमेल में होगा।
क्या थीं मुख्य मांगें:
- पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग की परिधि में शामिल करें, तिथि-आधारित भेदभाव हटाएं।
- अलग CPI बनाकर महंगाई राहत सुनिश्चित करें।
- OPS बहाल करें, पेंशन को नॉन-कंट्रीब्यूटरी मानें।
- 65 वर्ष बाद हर 5 साल में 5% पेंशन बढ़ोतरी, पेंशन आयकर मुक्त, कोरोना DA एरियर भुगतान, रेल में 50% छूट, आयुष्मान भारत सीमा 10 लाख, 50% DA मर्ज आदि।
सचिव एस.के. मिश्र और महामंत्री ओ.पी. त्रिपाठी ने बताया कि बैठक में लिया गया यह फैसला सभी जिला शाखाओं को परिपत्र भेजकर मजबूती से लागू किया जा रहा है। कार्यक्रम में गीत-संगीत और कविताओं से माहौल गर्म रहा, जिसमें रागिनी श्रीवास्तव, मुन्नी सिंह समेत कई कलाकार शामिल हुए। पेंशनर्स का यह जोश दिखाता है कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे – उनकी आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी!







