मुंबई : भारतीय पेंट उद्योग में अनोखा वैज्ञानिक प्रयोग : कंसाई नेरोलैक ने अपना ‘एक्सेल एवरलास्ट’ पेंट भारत के इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण टेस्ट से सफलतापूर्वक पार कर लिया है। कंपनी ने स्ट्रैटोस्फेरिक गुब्बारे के जरिए पेंट को 86,000 फीट (लगभग 26 किलोमीटर) ऊंचाई पर भेजा, जहां तापमान -64°C से भी नीचे चला जाता है, यूवी रेडिएशन पूरी तरह अनफिल्टर्ड होता है और वायुमंडलीय दबाव बेहद कम रहता है।
चरम स्थितियों में भी पेंट बिल्कुल सुरक्षित वापस आया
ऐसी कठोर परिस्थितियां ज्यादातर पेंट को नष्ट कर देती हैं, लेकिन कंसाई नेरोलैक का पेलोड बिना किसी खरोंच, दाग या रंग फीके हुए पूरी तरह intact वापस लौटा। यह परीक्षण लैब सिमुलेशन से कहीं आगे का था — पूरी तरह वास्तविक और बिना किसी डिस्क्लेमर के।
#OutofThisWorld कैंपेन : भरोसे का नया स्तर
यह अभियान क्रिएटिव एजेंसी उल्का (ULKA) द्वारा तैयार किया गया। कैंपेन फिल्म में स्ट्रैटोस्फियर से लौटे पेलोड का असली दस्तावेजीकरण किया गया है। कंपनी का दावा है कि अगर पेंट अंतरिक्ष की कठोरता झेल सकता है, तो पृथ्वी पर किसी भी मौसम में आसानी से टिक सकता है।
कंपनी का दावा : 20 साल की वारंटी वाला सबसे मजबूत पेंट
कंसाई नेरोलैक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रामकृष्ण नाइक ने कहा कि “एक्सेल एवरलास्ट रेंज हार मानने से इंकार करती है। हमने जापानी तकनीक के साथ भारत का पहला सेल्फ-क्लीनिंग पेंट लॉन्च किया, फिर नैनो-सिलिका टेक्नोलॉजी से ‘एक्सेल एवरलास्ट 20’ बनाया, जिसमें 30% ज्यादा कठोरता और बेहतर क्रैक-ब्रिजिंग क्षमता है। यह भारत का पहला पेंट है जिसे 20 साल की वारंटी मिली है। इसे स्ट्रैटोस्फियर में भेजना ही इसका सही प्रमाण था।”
ULKA के क्रिएटिव हेड का बयान
ULKA के चीफ क्रिएटिव एक्सपीरियंस ऑफिसर राकेश मेनन ने कहा कि “हमारा विचार बहुत सरल था, अगर कोई पेंट अंतरिक्ष में टिक सकता है, तो वह पृथ्वी पर कहीं भी टिक सकता है। कोई सिमुलेशन नहीं, कोई शॉर्टकट नहीं। सिर्फ असली और सबसे कठिन परीक्षण।”यह अभियान कंसाई नेरोलैक की गुणवत्ता और इनोवेशन की विरासत को नई ऊंचाई देता है।







