10 दिन में नायक से नेता बनकर नजर आए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
चेन्नई/कोयंबटूर। मात्र 10 दिन पहले सत्ता संभालने वाले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक गंभीर घटना में ऐसा फैसला लिया है जो उन्हें न सिर्फ तेज एक्शन के लिए सराहना दिला रहा है, बल्कि कई पुराने राजनेताओं को भी पीछे छोड़ गया।
कोयंबटूर के सुलूर इलाके में पांच दिन पहले 10 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के बाद हत्या की जघन्य घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। इस मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों में एक महिला IG और दो DIG – को हंसते और अनुचित व्यवहार करते देख वीडियो वायरल हो गया। जनता में आक्रोश फैल गया।
CM विजय का त्वरित और सख्त एक्शन
CM विजय ने इस संवेदनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया। तमाशा बनने के बजाय उन्होंने तुरंत तीनों IPS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही पीड़ित परिवार से माफी भी मांगी।
यह फैसला न सिर्फ पुलिस महकमे में संवेदनशीलता की याद दिलाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि वर्दी दर्द बांटने के लिए होती है, दर्द बढ़ाने के लिए नहीं।
शिक्षा vs राजनीति?
घटना ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि क्या वर्दी और पद की गरिमा बनाए रखना इतना कठिन हो गया है? जहां कुछ राज्यों में ऐसे मामलों में लंबी प्रक्रिया और बचाव देखने को मिलता है, वहीं यहां नए CM ने दिखाया कि शिक्षा और संवेदनशीलता अभी भी काम कर सकती है।
शाबाश CM विजय!
फिलहाल यह कदम न सिर्फ जनता की भावनाओं का सम्मान है, बल्कि यह साबित करता है कि सत्ता के शुरुआती दिनों में भी सही फैसला लेने की हिम्मत रखना ही असली नेतृत्व है।
अब देखना यह है कि सस्पेंशन के बाद आगे की कार्रवाई क्या होती है और पुलिस व्यवस्था में संवेदनशीलता की पुनर्स्थापना के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। जनता उम्मीद करती है कि यह सिर्फ शुरुआत हो, न कि एक इंसिडेंट-आधारित प्रतिक्रिया।







