सीमा चतुर्वेदी
एक महिला और एक दुकानदार में किचकिच हो रही थी। दुकानदार ऊंची आवाज में बोलने लगा। महिला बहुत धीरे से बोली – आवाज नीची करो, मत भूलो योगी सरकार में महिलाओं के सामने कोई ऊंची आवाज में बात नहीं करता। किसी महिला को कोई दबाव में नहीं ले सकता, डरा नहीं सकता, धमका नहीं सकता। छेड़ नहीं सकता। महिलाओं की असुरक्षा और शोषण के दिन अब लद चुके हैं !
दुकानदार की बोलती बंद हो गई, बॉडी लेंग्वेज और एक्सप्रेशन सब बदल गए। लगा वो कुछ भूल गया था जिसे याद दिला दिया गया। यूपी के शहरों, गांवों, कस्बों, मॉल, शॉपिंग सेंटर, मनोरंजन स्थलों, पार्कों,गली-मोहल्लों में ऐसे दृश्य अक्सर देखने को मिलते हैं।
इसीलिए योगी आदित्यनाथ ना सिर्फ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, मठ के महंत,योगी, देश के लोकप्रिय नेता या हिन्दुत्व व सुशासन का चेहरा ही नहीं, बेटियों, बहनों, महिलाओं का आत्मविश्वास भी बन चुके हैं। सुरक्षा, मान-सम्मान और भय मुक्त होकर जी रही यूपी की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सिलसिला यदि ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब देश ही नहीं दुनियाभर में यूपी एक ऐसा सूबा होगा जहां की महिलाएं सर्वाधिक सशक्त होंगी।
पांच जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन मनाया जाता है। ज्येष्ठ/जून माह की गर्मी की धूप में घने वृक्ष के छांव की तरह योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को सुरक्षा की छाया दी,आत्म सम्मान और आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाईं। मिशन शक्ति, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना हक दिलाने वाली योजनाएं खासतौर से उपयोगी रहीं।
लव जेहाद के खिलाफ मुहिम भी रंग लाई। सनातनी महिलाओं का जीवन बर्बाद करने वाले विदेश से वित्तपोषित लव जेहाद के गिरोह यूपी पुलिस ने बेनकाब किए। केंद्र सरकार ने जो कानून पास किए उसमें तीन तलाक़ की पीड़ा से मुस्लिम महिलाओं को राहत मिली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी के अथक प्रयास महिलाओं के मान सम्मान,रक्षा-सुरक्षा के लिए नित्य उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। सियासत, विधानसभाओं और देश की संसद में आधी आबादी को एक तिहाई हिस्सेदारी देने वाले महिला शक्ति वंदन अधिनियम ने महिला विरोधी शक्तियों से से लड़ कर महिलाओं को उनका हक दिलाने का हर संभव प्रयास किया।
चरमराई कानून व्यवस्था, गुंडा, माफिया राज और बीमारु राज कहे जाने वाला उत्तर प्रदेश अब सुरक्षा, सुशासन, महिला सुरक्षा की चमक के साथ देश के अन्य राज्यों की प्रेरणा बन गया है। योगी के कानून राज से ना सिर्फ विकास को गति मिली बल्कि यूपी के तीर्थ स्थलों के विकास ने पर्यटकों की संख्या में इजाफा कर भारी राजस्व दिया।
अयोध्या,काशी, वृंदावन,मथुरा के विकास और प्रयागराज के एतिहासिक महाकुंभ से होने वाले सांस्कृतिक विकास से ना सिर्फ आर्थिक लाभ हुआ बल्कि बेहतर कानून व्यवस्था ने निवेशकों की आमद बढ़ाई, व्यापारियों ने चैन की सांस ली।
योगी का कानून राज खासतौर से आधी आबादी का सुरक्षा कवच बना। यही कारण है कि योगी से देश भर की नारी शक्ति प्रभावित हुई। समय समय पर राज्यों के चुनाव प्रचार में जहां-जहां मुख्यमंत्री योगी की जनसभाएं हुई वहां वहां महिलाओं की खूब तादाद दिखी। राज्यों में भाजपा जीती और महिलाओं का जनसमर्थन भाजपा को बहुमत दिलाने के लिए कारगर साबित हुआ।
उत्तर प्रदेश में योगी का बुल्डोजर मॉडल देश के कई राज्यों ने अपनाया। बुल्डोजर मॉडल गुंडा और माफिया राज के धवस्तिकरण के रूप में देखा गया। और योगी सरकार के ऐसे सख्त कदम ही गुंडे माफियाओं के खिलाफ यूपी पुलिस को आत्मबल दे सके। पेशेवर अपराधियों और इनके गैंग ध्वस्त हुए तो कानून व्यवस्था बेहतर हो सकी। साम्प्रदायिक दंगे और माफिया राज के मंसूबे रखने वालों को मिट्टी में मिलाने से खुशहाली, विकास, प्रगति, उन्नति और समृद्धि की आशा की किरणें दिखाई देने लगीं।
यूपी की महिलाओं, बहनों और बेटियों का आत्मविश्वास सिर चढ़ कर दिखाई देता है। पांच जून को प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन सादगी से मनाया जाएगा। कुछ संस्थाएं योगी आदित्यनाथ के जन्म दिन को महिला सुरक्षा दिवस के रूप में मनाए जाने की तैयारी कर रही हैं।
कहते हैं जहां बेटियां, बहनें (महिलाएं) सुरक्षित होती हैं, उनका सम्मान होता है वहां स्वंय ईश्वर निवास करते हैं। हंसती-खिलखिलाती बेटियों वाला समाज खुशहाली और विकास की ओर अग्रसर रहता है।







