लखनऊ, 28 जून 2026: राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा चलाई जा रही ग्रीष्मकालीन इंटरएक्टिव गतिविधियों की श्रृंखला “खुशियों की पाठशाला” के अंतर्गत आज ब्लॉक प्रिंटिंग की रंगबिरंगी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिरुचि और पारंपरिक भारतीय कला-संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
कार्यक्रम में सिटी मोंटेसरी स्कूल और लखनऊ पब्लिक स्कूल के 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 61 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने ब्लॉक प्रिंटिंग की विभिन्न तकनीकों को सीखा और अपनी सृजनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।
समापन समारोह : कार्यक्रम के समापन पर राज्य संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने सभी बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ती हैं।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन डॉ. मीनाक्षी खेमका, सहायक निदेशक (सज्जा कला) द्वारा किया गया। राज्य संग्रहालय भविष्य में भी बच्चों और युवाओं के लिए ऐसी शैक्षिक एवं रचनात्मक कार्यशालाओं का आयोजन जारी रखेगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सके। यह कार्यशाला बच्चों के चेहरों पर खुशी और रंग भरने का बेहतरीन उदाहरण साबित हुई।






