उन्नाव कोतवाली में महिला दरोगा का वायरल तांडव, लाइन हाजिर हुईं दरोगा ; पुलिस की खाकी पर फिर सवाल
उन्नाव, 29 नवंबर 2025। थाने का दरवाजा आम लोगों के लिए न्याय का द्वार होता है, लेकिन उन्नाव सदर कोतवाली में शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पुलिस की छवि पर सवालों के तीर चला दिए। एक वायरल वीडियो में महिला उपनिरीक्षक (SI) को एक बुजुर्ग व्यक्ति से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते देखा गया – “ऐ बूढ़ा, इतने जूते मारूंगी कि शक्ल भूल जाओगी… तुम्हारे बाप के नौकर नहीं हूँ” जैसे जुमलों से थाने की दीवारें गूंज उठीं। वीडियो में महिला दरोगा नजर आ रही हैं, जो कोतवाली में तैनात हैं, और उनका यह रवैया न सिर्फ आम लोगों को झकझोर गया, बल्कि सोशल मीडिया पर ‘पुलिस का यह रूप ही हमें डराता है’ जैसे टिप्पणियों की बाढ़ आ गई।
वीडियो की शुरुआत से ही तनाव साफ दिख रहा है। बुजुर्ग व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने आया था, लेकिन बातचीत जल्द ही गरमा गई। महिला दरोगा ने कथित रूप से उसे धमकाते हुए कहा, “तुम्हारे बाप के नौकर नहीं हूँ, बाहर निकल जाओ!” वीडियो में आसपास के स्टाफ के चेहरे भी तनावग्रस्त नजर आ रहे हैं। यह घटना सदर कोतवाली के मुख्य हॉल में हुई, जहां रोज सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और अब तक लाखों व्यूज बटोर चुका है।

सोशल मीडिया यूजर सौरव ने ट्वीट कर सवाल उठाया, “इस भाषा-शैली में बात करने की आखिर जरूरत क्यों पड़ती है? क्या महिला हिस्ट्रीशीटर हैं? क्या बदतमीजी, सरकारी कार्य में बाधा या अशोभनीय टिप्पणी कर रही थीं? अगर नहीं, तो फिर सारे विभाग की बदनामी क्यों? इन जैसों को बर्खास्त कीजिए, सब सही हो जाएंगे!” सौरव का यह ट्वीट रीट्वीट्स की बौछार खा रहा है, और कई यूजर्स ने इसे “पुलिस सुधार की जरूरत” का प्रतीक बता दिया। एक अन्य यूजर ने लिखा, “महिला अधिकारी होने का मतलब यह नहीं कि पुरुषों को अपमानित करें। न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए।”
उन्नाव पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। आधिकारिक बयान में कहा गया, “वायरल वीडियो के आधार पर उक्त महिला उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। प्रकरण की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा की जा रही है। जांच में प्रकाश में आए तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।” एसपी उन्नाव ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर दोष सिद्ध हुआ तो कड़ी सजा दी जाएगी। फिलहाल, कोतवाली में अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया गया है ताकि शिकायतकर्ताओं को कोई असुविधा न हो।
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यह घटना उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक झटका है, जहां हाल ही में कई वायरल वीडियो (जैसे वसूली और मारपीट के) सुर्खियां बने हैं। पूर्व में भी उन्नाव में यातायात पुलिस की वसूली के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिस पर एसपी ने जांच के आदेश दिए थे। लेकिन इस बार मामला महिला अधिकारी का है, जो इसे और संवेदनशील बनाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता रीता सिंह ने कहा, “महिलाओं को सशक्त बनाने के नाम पर अगर ऐसी भाषा इस्तेमाल हो रही है, तो यह महिलाओं के लिए ही शर्मिंदगी है। विभाग को ट्रेनिंग पर फोकस करना चाहिए।”अब सवाल यह है कि क्या यह वीडियो पुलिस सुधार की दिशा में एक कदम बनेगा, या फिर एक और वायरल कंट्रोवर्सी बनकर रह जाएगा? जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन एक बात साफ है – आम आदमी का विश्वास थाने पर ही टिका है, और ऐसी घटनाएं उसे डगमगाती हैं।






