आखिर यह WiFi कैसे काम करता है?

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जी के चक्रवर्ती
 
विज्ञान की पहुँच आज आसमान की उचाईयों से भी आगे निकल चुकी है, विशेष कर एलेक्ट्रानिस की दुनिया मे इसका इस बात से ही अंदाज लगाया जा सकता है कि हम अपने देश मे बैठे दूसरे देश मे हमारे रिश्तेदार क्या कर रहे हैं इसे सजीव देखने-सुनने के अलावा बातें भी कर सकते है। इस कड़ी में इलेक्ट्रानिस क्षेत्र में हमने आप ने वाइफाई का नाम सुना अवश्य है आखिर यह क्या है? और कैसे काम करता है? यह एक प्रकार की टेक्नॉलजी है। पूरे दुनिया में इंटरनेट को आये हुए कई साल बीत गये हैं लेकिन हम सभी लोगों को यह पता होगा कि आज से पहले इंटर नेट कनेक्शन लेना कितना मुश्किल हुआ करता था।
 
भारत मे “विदेश संचार निगम लिमिटेड” यह वह पहली कंपनी थी जिसने इंटरनेट को हमारे देश में स्थापित किया था। इंटरनेट की शुरुआत हमारे देश मे 14 अगस्त सन 1995 में हुई थी जबकि इसकी विधिवत शुरुआत 15 अगस्त के दिन किया गया था। विदेश संचार निगम लिमिटेड अपने अपने टेलेफोन लाइन ब्रॉडबैंड के जरिए दुनिया से भारत के कंप्यूटरों को जोड़ा गया था।
 
इंटरनेट का जन्म नेटवर्क से हुआ था। सर्वप्रथम किसी भी तरह की जानकारी डिजिटल तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए तार (cables) ही एक मात्र माध्यम हुआ करता था। केबिल से इनटरनेट कनेक्शन लिया जाता था। लेकिन जैसा कि हम सभी को मालूम है कि हम इंसानो को आराम और बिना किसी झंझटों के काम करना अच्छा लगता है। इसके मध्येनजर इंसान हमेशा यह सोचता था कि बिना किसी तार के इंटरनेट से कैसे काम किया जा सकता है।
 
इस प्रकार के इंसानी सोच के कारण इस क्षेत्र में दिन प्रतिदिन बदलाव होते चले गये और आखिरकार कंप्यूटर विज्ञान ने एक ऐसी प्रौद्योगिकी बिना तार (Wire Less Technology ) का आविष्कार कर डाला जिसका नाम है WiFi है। इस Wireless Technology के सम्बन्ध में आजकल प्रत्येक व्यक्ति अच्छी तरह से न सही लेकिन थोड़ी बहुत जानकारी अवश्य रखता है। यदि हम वर्तमान समय के नयी पीढ़ी के युवकों की बात करें तो इस wire less Technology के जरिए वे Internet से हमेशा जुडे रहते हैं। 
 
इसी कड़ी में हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि आखिर यह वाई-फाई कैसे काम करता है?
 
WiFi का पूरा नाम “वायरलेस फिडेलिटी” यह एक लोकप्रिय वायरलेस नेटवर्किंग प्रौद्योगिकी (Wireless Networking Technology)   है। यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी (Technology) है, जिसके माध्यम से वर्तमान समय मे हम Internet और Network Connection का इस्तमाल कर रहे है। इसे हम सहज भाषा में यूं समझ सकते है, कि यह वह Technology है जिसके जरिए हम आज अपने स्मार्ट फ़ोन, Computer, Laptop में बिना तार (Wireless) तरीके से Internet की सुविधा प्राप्त कर रहे ह
 
इसके जरिए सिमित स्थान के अंदर Internet से हम और आप जुड़ सकते हैं. आज कल हर कोई WiFi के माध्यम से  Internet Access करते हैं, और इसके साथ साथ wirelessly Data Transmit भी करते हैं जैसे आप Share it और Xender से करते हैं। wireless और Hi-Fi शब्द से WiFi शब्द बना है।
 
वाई-फाई मानक WiFi Standard के उदाहरण इस तरह से हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स द्वारा वर्ष 1999 में बनाया गया था, जो 5 GHz आवर्ती पर 54 Mbps गति से 115 फिट तक की दूरी तक काम करता है। 
 
फिर वर्ष 2003 में बनाया गया wifie जो 5 GHz आवर्ती पर 11 Mbps गति से 115 फिट तक काम करता था। उसके बाद वर्ष 2003 में ही दूसरा बना एक और wifi सिस्टम जो 2.4 GHz आवर्ती पर 54 Mbps गति से 125 फिट तक काम करता था। उसके पश्यचात वर्ष 2009 में 2.4 GHz व 5 GHz दोनों आवर्ती राऊटर (Dual Band Router) पर काम करने के लिए बनाया गया था। Router क्या है :- (राउटर एक नेटवर्किंग उपकरण है जिसका प्रयोग कई नेटवर्कों को आपस मे जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह ओएसआई संदर्भ के तीसरे स्तर का उपकरण है। इसका प्रयोग विभिन्न मार्गों तक पहुचने और उनका पता लगाने के लिए भी किया जाता है। इसके अतिरिक्त यह द्वितीय स्तर के विभिन्न उपकरणों के बीच एक सेतु का काम भी काम करता है। ) इसकी डाटा भेजने की गति 54 Mbps और 230 फिट तक काम करता था।
 
फिर से वर्ष 2009 में ही बनाया गया एक और जो 5 GHz आवर्ती पर 1.3 Gbps की गति से 115 फिट तक काम करता था। इस तरह से  हमारे देश मे इंटरनेट की गति बढ़ने के साथ ही साथ लोकप्रिय हो जाने से जन-जन के हाथों तक पहुंचा।

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