Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»festival

    अहोई अष्टमी 2025: पुत्रवती माताओं का पवित्र व्रत, जानें पूजा विधि, कहानी और महत्व

    ShagunBy ShagunOctober 12, 2025 festival No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Ahoi Ashtami 2025
    अहोई अष्टमी 2025: पुत्रवती माताओं का पवित्र व्रत, जानें पूजा विधि, कहानी और महत्व
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 853

    लेखक: नीतू सिंह

    कार्तिक मास का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, और इस महीने में मनाए जाने वाले व्रतों में अहोई अष्टमी पुत्रवती माताओं के लिए बेहद खास है। इस बार यह पवित्र व्रत 13 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाया जाएगा। यह व्रत संतान की लंबी आयु, सुख और समृद्धि के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं इस व्रत की पूजा विधि, कहानी और इसके पीछे का आध्यात्मिक महत्व।

    अहोई अष्टमी: संतान के लिए माताओं का तपअहोई अष्टमी कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जो आमतौर पर दीपावली से कुछ दिन पहले पड़ती है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और कल्याण के लिए रखती हैं। मान्यता है कि अहोई माता, जो मां पार्वती का एक रूप हैं, इस दिन पूजा करने से बच्चों को हर संकट से बचाती हैं।

    https://shagunnewsindia.com/ahoi-ashtami-fast-in-the-story-of-ahoi-mata-read-how-ahoi-mata-opened-her-daughter-in-laws-womb/

    Ahoi Ashtami 2025
    अहोई अष्टमी 2025: पुत्रवती माताओं का पवित्र व्रत, जानें पूजा विधि, कहानी और महत्व

    क्यों है कार्तिक मास का महत्व:

    कार्तिक मास शरद पूर्णिमा से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) पर समाप्त होता है। इस दौरान करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ और प्रबोधिनी एकादशी जैसे पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं। इस महीने में कार्तिक स्नान का विशेष महत्व है, जो सूर्योदय से पहले पवित्र नदियों या घर पर किया जाता है। तुलसी पूजा, दीपदान, और अन्न-तुलसी-आंवला दान से पुण्य प्राप्त होता है। इस मास में मांसाहार, लहसुन-प्याज, धूम्रपान और दोपहर में सोना वर्जित माना जाता है।

    https://shagunnewsindia.com/ahoi-ashtami-the-fast-for-the-longevity-of-the-children-and-their-happiness-and-prosperity/

    अहोई अष्टमी पूजा विधि:

    संतान की रक्षा का संकल्पव्रत का संकल्प: माताएं सुबह स्नान कर अहोई माता के सामने संतान की रक्षा का संकल्प लें। यह व्रत दिनभर निर्जला रखा जाता है।

    https://shagunnewsindia.com/ahoi-ashtami-fast-in-the-story-of-ahoi-mata-read-how-ahoi-mata-opened-her-daughter-in-laws-womb/पूजा की तैयारी:

    1. एक दीवार पर अहोई माता और स्याऊ (साही) माता का चित्र बनाएं या बाजार से तैयार चित्र लें।
    2. पास में स्याऊ माता के बच्चों का चित्र भी बनाएं।
    3. एक लोटे में जल भरकर कलश की तरह स्थापित करें।
    4. चांदी की अहोई (स्याऊ) माला बनवाएं, जिसमें चांदी के मोती या दाने पिरोए जाएं।

    पूजा विधान:

    1. सूर्यास्त के बाद तारों के उदय होने पर चौक बनाकर पूजा शुरू करें।
    2. अहोई माता को रोली, चावल, दूध और भात से पूजन करें।
    3. जल से भरे लोटे पर स्वास्तिक बनाएं।
    4. एक कटोरी में हलवा और बायना (रुपए) निकालकर रखें।
    5. सात गेहूं के दाने हाथ में लेकर अहोई माता की कहानी सुनें।

    कहानी के बाद:

    1. चांदी की स्याऊ माला गले में पहन लें।
    2. बायना सास को आदरपूर्वक दें।
    3. चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करें।

    उद्यापन: दीपावली के बाद शुभ दिन पर अहोई माला उतारकर गुड़ का भोग लगाएं।
    प्रत्येक बेटे या उसके विवाह के लिए चांदी के दो-दो दाने माला में जोड़ें।

    उद्यापन विधि:

    1. एक थाली में सात जगह चार-चार पूड़ियां और हलवा रखें।
    2. पीली साड़ी और ब्लाउज सास को भेंट करें।
    3. बायना बहन-बेटी को भी भेजें।

    अहोई अष्टमी की कहानी:

    स्याऊ माता की कथापौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार की पत्नी के सात बेटे थे। दीपावली से पहले वह मिट्टी लेने जंगल गई, जहां उसने गलती से स्याऊ (साही) माता के बच्चे को मार दिया। स्याऊ माता के श्राप से उसके सातों बेटे मर गए। दुखी साहूकारनी ने अहोई माता की तपस्या की और स्याऊ माता से क्षमा मांगी। माता ने प्रसन्न होकर उसके बेटों को पुनर्जनम दिया। तभी से अहोई अष्टमी का व्रत संतान की रक्षा के लिए मनाया जाता है।

    https://shagunnewsindia.com/ahoi-ashtami-fast-this-ahoi-ashtami-fast-is-special-for-daughter-in-law-women-know-the-method-of-worship-and-its-story/

    क्यों खास है यह व्रत?

    संतान की सुरक्षा: यह व्रत बच्चों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है।
    आध्यात्मिक महत्व: तुलसी और सूर्य पूजा के साथ अहोई माता की आराधना से मन और शरीर शुद्ध होता है।
    सामाजिक एकता: बायना देने की परंपरा परिवार और समुदाय में प्रेम बढ़ाती है।

    परहेज: व्रत के दौरान मांसाहार, लहसुन-प्याज और धूम्रपान से बचें। जमीन पर शयन करें और सूर्य उपासना करें।

    अहोई अष्टमी का व्रत मातृत्व की शक्ति और संतान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। इस 13 अक्टूबर को अहोई माता की पूजा कर अपनी संतान के लिए मंगल कामना करें और इस पवित्र परंपरा को निभाएं। अहोई माता आपकी संतान को सदा सुखी और स्वस्थ रखें!

    Shagun

    Keep Reading

    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    Shrinking families, fraying ties: The quiet sob of loneliness echoed at the seminar.

    सिमटता परिवार, बिखरते रिश्ते: अकेलेपन की सिसकी गूंजी संगोष्ठी में

    Teacher's life in danger after drinking Bisleri water: Mouth and food pipe burned, fight at Meerut Medical College

    बिसलेरी पानी पीने से अध्यापिका की जिंदगी संकट में: मुँह और फूड पाइप जल गया, मेरठ मेडिकल कॉलेज में जंग

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    July 13, 2026

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    July 13, 2026
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    July 13, 2026
    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading