Viral Issue: आसमान में देखी गयी उड़नतस्तरियाँ?
धरती जितनी गंभीर है आसमान उतना ही हैरतअंगेज। कुछ न कुछ रहस्यों से, माईथोलॉजी से, धर्मों से, जन्नत और जहन्नुम से, दूसरे ग्रहों से, ज्योतिषि से, एलीयन से, परियों की कहानी से न जाने कितने और भी कारकों को समेटे है ये आसमान! आज विश्व एक महाविपदा से गुजर रहा है, प्रकृति से भी महान समझने वाला मानव आज बेबस हो कभी आसमान की तरफ निहार रहा है कभी धरती तो कभी ईश्वर की ओर। इस विपदा के दौर में विश्व में कुछ ऐसा भी घटित हो रहा है कि लोग अचरज से भी भरे हैं।

दरअसल टेक्सास शहर के आसमान में रात को तीन अजीब रोशनियां एक साथ दिखाईं दे रही थीं। रोशनी के ये गोले कभी करीब आ रहे थे तो कभी एक दूसरे से दूर हो रहे थे। बता दें कि इस तरह की रोशनी अमेरिका के नेवाडा में भी कुछ महीने पहले देखी गई थी। रोशनी के ये तीन गोले कोई यूएफओ था या कुछ और इसकी वहां कोई जानकारी नहीं है। नेवाडा के पूर्व सीनेट और ड्रेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैरी रीड ने इसे अपने ट्विटर पर शेयर भी किया है।
वहीं एक महिला जो आसामान में इस गतिविधि का वीडियो बना रही थी इसे देखने के दौरान बेहद डरी हुई थी। इस वीडियो को यूट्यूब पर 22 अप्रैल को अपलोड किया गया। लोगों में ये कौतूहल भी है कि कहीं इस महाविपदा को समझने के लिये तो कोई दूसरे ग्रह से नहीं आ रहा। प्रथ्वी को बचाने के लिये कोई “जादू” तो नहीं आ गया। तरह-तरह के ख्याल लोगों में आ रहे हैं।
बीते दिनों अमेरिका के पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर कुछ वीडियो जारी किए थे जिसमें आसमान में अज्ञात यूएफओ दिखाई दे रहा था। इन वीडियो को 2004 और 2015 में प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान वीडियो सेंसर तकनीक के जरिए पायलटों ने आसमान में कैप्चर किया था। इसे बाद में अमेरिकी नौसेना ने वास्तविक रूप में आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया था। ये सब यह बताने के लिये पर्याप्त है कि कुछ न कुछ तो आसमान में है जो पृथ्वी के हितों के लिये चिंतित है। आसमान की इन हलचलों के चलते लोगों के दिलों में कहीं भय तो कहीं निर्भयता को पैदा कर रहा है। कोरोना जैसे महासंक्रमण के दौर में लोगों को कुछ उम्मीदें आसमान से भी हैं।
इधर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं जिसमे दावा किया गया है कि यह यूएफ़ओ देखे जाने का सबसे ताजा मामला है जिसमें विडियो में नजर आ रहा है कि एक अंडाकार चीज आसमान में उड़ रही है।

जानकारों का मानना यह भी है कि एक वजह यह भी हो सकती है कि एकयूएफ़ओ कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी पर रिसर्च करने आ रहे हो!
प्रस्तुति: राहुल कुमार गुप्ता







