भोजपुरी के शेक्‍सपीयर भिखारी ठाकुर की 131वीं जयंती पर ‘बिदेशिया ‘का मंचन

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पटना, 18 दिसम्बर 2018: भोजपुरी के लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की 131वीं  जयंती पर 18 दिसंबर 2018 को बिहार संगीत नाटक अकादमी और निर्माण कला मंच के संयुक्‍त तत्‍वावधान में पटना के राजेंद्र नगर स्थित प्रेमचंद रंगशाला में भिखारी ठाकुर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भिखारी ठाकुर की कालजयी कृति बिदेशिया की 708वीं प्रस्‍तुति संजय उपाध्‍याय के निर्देशन में निर्माण कला मंच पटना द्वारा दी गई, जिससे दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों भावविह्वल हो गए। वहीं, मंच नाटक से पहले निर्माण कला मंच पटना के बैनर तले प्रेमचंद रंगशाला के बाह्य परिसर में शरद जोशी द्वारा लिखित नाटक ‘अंधों का हाथी’ का प्रदर्शन किया गया।

इससे पहले भिखारी ठाकुर जयंती समारोह 2018 की शुरूआत विधिवत रूप से बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव विनोद अनुपम ने दीप प्रज्‍जवलित कर की। इस मौके पर संजय उपाध्‍याय, विभा सिन्‍हा, चंदन तिवारी, रामदास राही और यशवंत सिन्‍हा समेत अन्‍य गणमान्‍य लोग भी मौजूद रहे। वहीं, भिखारी ठाकुर का स्‍मरण करते हुए विनोद अनुपम ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी भाषा को वैश्‍वविक पहचान दिलाई। यही वजह है कि उन्‍हें भोजपुरी का शेक्‍सपीयर भी कहा जाता है। हमें गर्व है कि भिखारी ठाकुर बिहार में हुए और हम इसी गौरवशाली बिहार की धरती मैं पैदा हुए।

सूत्रधार की भूमिका:

बिदेशिया नाटक में सूत्रधार की भूमिका में राजेश कुमार उर्फ पप्‍पू ठाकुर, बिदेसी – पुंज प्रकाश/ सुमन कुमार, प्‍यारी सुंदरी – शारदा सिंह, रखेलिन – रूबी खातून, बटोही – राजेश कुमार उर्फ पप्‍पू ठाकुर, जोकर – अभिषेक आनंद, बिदेसी का बेटा-अभिषेक आनंद, अभिषेक राज ड्रामेबाज और देवर – बिज्‍येंद्र कुमार टॉक थे। वहीं, नर्तक दल मुकेश कुमार राहुल, कुमार उदय सिंह, रूबी खातून और विनिता सिंह थीं। तो गायन मंडली में शारदा सिंह, पप्‍पू ठाकुर, कृष्‍णा कुमार, स्‍वरम उपाध्‍याय, रोहित चंद्र और अभिषेक राज ड्रामेबाज थे। इसके अलावा ढोलक/तबला पर राजेश रंजन, हारमोनियम पर मो. जॉनी, क्‍लारनेट पर मो. नूर, खजंडी पर अरविंद कुमार थे। मंच सामग्री पप्‍पू ठाकुर, कॉस्‍ट्यूम राजीव राय, लाइट जय कुमार भारती, प्रस्‍तुति संयोजक डॉ शैलेंद्र और प्रस्‍तुति नियंत्रक धनंजय नारायण सिन्‍हा थे।

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