नयी दिल्ली, 13 अक्तूबर : वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत अंशधारकों की संख्या अगले वर्ष मार्च तक बढकर एक करोड पहुंच जाने का अनुमान है। अटल पेंशन योजना लोगों को निश्चित पेंशन की गारंटी देती है।
वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपने वीडियो संदेश में कहा, एपीवाई न केवल सरकार की महत्वपूर्ण योजना है बल्कि यह समावेश का भी एक प्रमुख जरिया है….तीन साल के भीतर योजना के तहत करीब 69 लाख खाते खुले।
उन्होंने कहा कि देश में पेंशन का दायरा सीमित है, दूसरी तरफ बडी आबादी है, इसको देखते हुए इस क्षेत्र में अभी लंबा रास्ता तय करना है।
कुमार ने कहा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के अंतर्गत जब ग्राहकों की संख्या 13 करोड हो सकती है, मुझे नहीं लगता कि एपीवाई पीछे रहेगी। हमने इस साल एक करोड का लक्ष्य रखा है जिसे 31 मार्च तक पूरा कर लिये जाने की संभावना है।
एपीवाई के तहत अंशधारकों के लिये मासिक पेंशन की व्यवस्था की है। अंशधारक के बाद पति या पत्नी को पेंशन मिलेगी। दोनों की मृत्यु के बाद 60 साल तक जमा पेंशन कोष की पूरी राशि अंशधारक द्वारा नामित व्यक्ति को मिल जाएगी।
अटल पेंशन योजना को आधार से जोडे जाने के बारे में कुमार ने कहा कि फिलहाल 40 प्रतिशत खातों को आधार से जोड दिया गया है।
पीएफआरडीए के चेयरमैन हेमंत कांट्रैक्टर ने कहा कि पेंशन नियामक ने पेंशन योजना का दायरा बढाने के लिये ई-एनपीएस के जरिये एपीवाई से जुडने की प्रक्रिया तैयार की है।
इसके लिये ग्राहक ई-एनपीएस पोर्टल पर जाकर आधार या बैंक का ब्योरा देकर या बचत खाता संख्या देकर योजना से जुड सकते हैं।







