आयुर्वेदाचार्य ने कहा, दिमाग को स्वस्थ रखने के साथ ही खून साफ करने में भी सहायक
अनेकों हर्बल दवाओं में प्रयोग होने के साथ ही घरों में प्रयोग होने वाली हल्दी शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ाकर कोरोना से लड़ने में शरीर को सक्षम बनाने के साथ ही अनेकों रोगों से शरीर का बचाव करती है। इसमें एंटी इंफ्लेमेट्री, एंटी एलर्जिक, एंटी कैंसर, एंटी आक्सीडेंट, एंटी वायरल समेत कई गुण विद्यमान है। यह पाचन को दुरूस्त रखने के साथ ही खून साफ करने, दिमाग को स्वस्थ रखने, शरीर की सूजन व भूख बढ़ाने में मदद करती है।

आयुर्वेदाचार्य एसके राय का कहना है कि हल्दी एक चमत्कारिक गुणों वाला मसाला है। दूध के साथ लेने पर इसके गुण दोगुने हो जाते हैं। हल्दी वसा में घुलनशील करक्यूमिन नाम रासायनिक तत्व से बनती है। उन्होंने बताया कि यकृत के एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ा देता है। इससे रक्त को साफ करता है। ये एंजाइम शरीर में विषाक्त पदार्थों को तोड़कर उनकी मात्रा को कम कर देते हैं। इसके साथ ही यह इसमें मौजूद करक्यूमिन शरीर के कैंसर को रोकता है। हल्दी काली मिर्च के साथ मिलाने पर और भी अधिक प्रभावशाली हो जाती है।
आयुर्वेदाचार्य एसके राय ने बताया कि मधुमेह के इलाज में इंसुलिन के स्तर को कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि हल्दी में लाइपोपालीसकराइड नामक एक पदार्थ होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है। इसके जीवाणुरोधी, एंटी-वायरल और एंटी फंगल एजेंट भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता करता है। यही नहीं यह पित्त का उत्पादन करने के लिए पित्ताशय को उत्तेजित करता है। इससे पाचन क्रिया में सुधार होता है। पाचन समस्या से पीड़ित व्यक्ति को कच्ची हल्दी का प्रयोग करना फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेदाचार्य एसके राय ने बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ की मात्रा का अवश्य ध्यान देना चाहिए। उसका अधिक उपयोग भी हानिकारक हो सकता है। हल्दी को लेने का सही तरीका है, एक कप दूध एक चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच अदरक पाउडर के साथ उबालें और उसका सेवन करें। इसको सूप के साथ भी लिया जा सकता है। दो कप पानी में दो चम्मच हल्दी पाउडर, शहद की एक बड़ी चम्मच, नीबू का रस और काली मिर्च मिलाएं और मिश्रण को अच्छे से उबालें।







