तोते का स्कूल

0

तोते ने जंगल में
खोला पशु पंछियों का स्कूल।
शिष्यों को जुटता देखा तो
तोता गया गर्व से फूल।

हाथी दादा आए, बोले
अब मैं कैसे बैठूंगा?
मेरे नाप की दरी मिली ना
खड़े खड़े ही पढ़ लूंगा।

फिर जिराफ जी आए, बोले
मेरी तो गर्दन लंबी है।
गुरुजी बैठेंगे फुनगी पर
तो मेरी मेरे मुंह की सीध में।

हिरन आया बोला भाई
मेरा कद तो ठीक है।
दरियाई घोड़ा भी आया,
बोला दिक्कत मुझे नहीं।

खरहा आया बोला
मेरे कान तो काफी लंबे हैं।
मैं तो कूद फांद करता भी
सब सुन लूंगा, सीखूंगा।

सारस बोला मैं तो यारों
खड़ा खड़ा ही पढ़ लूंगा।
तभी शेर भी आए बोले
पहले आसन मुझको दो।
तब जाकर पढ़ाई करूँगा।।

  • अंजना वर्मा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here