कहा, हम एक रुपए के सिक्के को कर रहे हैं चलन से बाहर
रामपुर, 09 जनवरी। एक रुपए के सिक्के के आकार से नाखुश उत्तर प्रदेश के रामपुर के भिखारियों के एक समूह ने तय किया है कि वह भीख में यह सिक्का नहीं लेंगे। एक भिखारी शुक्र मनि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर किया था, जबकि अब हम एक रुपए के सिक्के को चलन से बाहर कर रहे हैं, क्योंकि इसका आकार 50 पैसे के सिक्के जैसा है।
भिखारियों ने आरोप लगाया कि दुकानदार और रिक्शा वाले भी सिक्के का आकार छोटा होने के कारण उनसे यह सिक्का नहीं लेते हैं। बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा की थी और जिन लोगों के पास भी ये नोट थे, उन्हें 30 दिसंबर-2016 तक बैंकों में जमा कराने को कहा।
हालांकि, प्रवासी भारतीयों और इस अवधि के दौरान विदेश गए लोगों के लिए नोट बैंकों में जमा कराने की अलग समय सीमा रखी गई थी। इस क़दम का देश की एक अरब से अधिक आबादी पर असर पड़ा। 2016 में हुई इस नोटबंदी को हाल के इतिहास में किसी भी देश के सबसे अधिक असर डालने वाले आर्थिक नीतिगत फ़ैसले में शुमार किया जाता है। भिखारियों ने कहा, एक रुपए का सिक्का न लेना उनका नीतिगत फैसला है।







