नवेद शिकोह
दो फरवरी भाजपा के लिए भारी पड़ सकती है। यूपी विधानसभा चुनाव में सपा-भाजपा की लड़ाई में सियासी परिवारों के रिश्तों के धागे उलझते दिख रहे हैं। दोनों दलों में तुम नंबरी तो हम दस नंबरी की प्रतिस्पर्धा थमने का नाम नहीं ले रही है। नामांकन के लिए एक दिन बचा है और सपा ने कुछ सीटों के प्रत्याशी न घोषित कर भाजपा नेताओं को अपने पाले में करने की सेंधमारी की चर्चाओं को बल दे दिया है।
बताया जा रहा है कि लखनऊ कैंट पर उम्मीदवार को 24 घंटों में बदलकर सपा भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी को इस सीट का प्रत्याशी घोषित कर सकती है। सांसद सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कैंट सीट से अपने बेटे मयंक जोशी के लिए टिकट मांगा था, पर भाजपा ने यहां से बृजेश पाठक को टिकट दे दिया है।
दूसरी तरफ भाजपा उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की पत्नी और योगी सरकार की कैबिनेट मंत्री स्वाति सिंह का सरोजनीनगर से टिकट कटने पर सपा उनसे संपर्क में हैं। सहमति बन गई तो स्वाति भाजपा से इस्तीफा देकर सपा के टिकट पर सरोजनीनगर से भाजपा के खिलाफ ताल ठोंक सकती हैं। इस तरह भाजपा के दो स्थापित नेताओं के घर सेंधमारी कर सपा मुलायम सिंह यादव की बहु अपर्णा यादव के भाजपा चले जाने का इंतेकाम ले सकती है। लखनऊ की कैंट और सरोजनीनगर सीट के दबाव में आई भाजपा को बैकफुट पर लाने के लिए सपा की ऐसी संभावित सियासी चाल से चुनावी चर्चाओं में रोचकता के रंग और गहरे हो सकते हैं। ये नूराकुश्ती परिवारवाद की भी पोल खोल रह कर जाहिर कर रही है कि परिवारवाद के हम्माम में सपा, कांग्रेस ही नहीं भाजपा नेताओं के घर-घर की कहानी गृहक्लेश से लेकर पार्टी में कलह का सबब बनी है।
इससे पूर्व दलबदलुओं के आया राम गया राम में कांग्रेस विधायक आदिति सिंह कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुईं और उन्होंने रायबरेली सदर सीट का टिकट हासिल किया। दिलचस्प बात ये है कि उनके पति अंगद सिंह पंजाब में विधायक रहे, अदिति के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस ने उनके पति का टिकट काट दिया।
सियासी परिवारों में बढ़ती दलबदलु संस्कृति में ही भाजपा के केबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा का दामन थाम कर भाजपा में पिछड़ी जातियों के नेताओं की घोर उपेक्षा के आरोपों की झड़ी लगा दी थी। दिलचस्प बात ये है कि स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य भाजपा सांसद हैं। भाजपा का आरोप है कि श्री मौर्य अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे, टिकट न मिलने पर वो सपा चले गए।







