‘मी-टू’ का शोर छोटी मछलियों तक ही?

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हेमंत पाल

देश में जब से ‘मी-टू’ का बवाल मचा है, बॉलीवुड से रोज ऐसी नई खबरें आना शुरू हो गई! इन हरकतों में जबरदस्ती किस करने से लेकर हाथ पकड़ने जैसी बातें शामिल हैं। देखा जाए तो बाॅलीवुड के लिए यह व्यवहार नई बात नहीं है। इस बार यह ‘मी-टू’ के नए नाम के साथ जगजाहिर हुआ है, वरना काॅस्टिंग काउच के नाम से ऐसी घटनाएं गाहे-बगाहे सामने आती रही हैं। ‘मी-टू’ के तूफान को सुनामी बनाने में मीडिया का भी बड़ा योगदान है। सारे टीवी चैनलों ने जिनके पास सुर्खियां बटोरने वाले विषयों का अकाल पड़ा था, उन्होंने बात का बतंगड बनाकर इसे राष्ट्रीय मसला बना दिया। जबकि, बच्चा-बच्चा जानता है कि फिल्मी दुनिया में लेन-देन की यह परम्परा उतनी ही पुरानी है, जितनी यह इंडस्ट्री।

जिन लोगों ने भी ‘मी-टू’ से जुड़ी खबरें पढ़ी या सुनी होगी, उन्होंने एक बात नोट की होगी कि इसमें आरोप तो नामी-गिरामी लोगों पर लगे! लेकिन, आरोप लगाने वाली हस्तियां उतनी नामी गिरामी नहीं हैं। कई अभिनेत्रियों का नाम तो लोगों ने पहली बार ‘मी-टू’ के वाक़ये में ही सुना होगा। सवाल उठता है कि क्या फिल्मी दुनिया में इस तरह की घटनाएं केवल छोटी अभिनेत्रियों के साथ ही होती है? हकीकत तो यह है कि तमाम बड़ी अभिनेत्रियां भी कभी न कभी ऐसे दुर्व्यवहार की शिकार हो चुकी है। लेकिन, इस मामले में वे अभी तक खामोश हैं। मजे की बात है कि जिन लोगों ने तथाकथित रूप से उनके साथ ‘मी-टू’ कैटेगरी का सलूक किया गया है। यदि कंगना रनौत को छोड़ दिया जाए, तो ‘मी-टू’ पर किसी बड़ी अभिनेत्री की आप-बीती सामने नहीं आई। जबकि, हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान और माधुरी दीक्षित भी इस तरह की हरकतों का शिकार हो चुकी हैं।

यासीर उस्मान ने अपनी पुस्तक ‘रेखा : अनटोल्ड स्टोरी’ में लिखा है कि फिल्म ‘अनजान सफर’ के समय रेखा की उम्र केवल 15 साल की थी। फिल्म के निर्देशक राजा नवाथे और नायक विश्वजीत ने एक चाल चली। निर्देशक चाहते थे कि रेखा को बिना बताए विश्वजीत उसे अपनी तरफ खींचकर जकड़ ले और उसके होंठों पर जबरदस्त चुंबन कर ले। कैमरा चालूू होती ही विश्वजीत ने रेखा को जोर से अपनी और खींचा और पूरे पांच मिनट तक उसके होंठों को चूमते रहे। इस हरकत से रेखा रोती रही और पूरी यूनिट बेशरमों की तरह ठहाके लगाते रही। देखा जाए तो यह एक तरह से यौन शोषण का ही मामला है। लेकिन, रेखा यह सब सहकर आज भी खामोश हैं।

‘जानेमन’ के सेट पर नशे में धुत्त प्रेमनाथ ने हेमामालिनी को बूरी तरह से जकड़ लिया था। हेमा मज़बूरी में चिल्लाती रही, तब देवआनंद ने आगे बढ़कर उसे प्रेमनाथ के शिकंजे से छुडवाया था। ये वैसी ही घटना है, जिसे आज की चंद अभिनेत्रियां ‘मी-टू’ का नाम दे रही है। इस मामले में हेमा मालिनी आज भी चुप है। जीनत अमान की हालत तो और भी खराब हुई थी। कंगना रनौत आज शादी के वादे और उसके बाद जिस शोषण की बात कर रही है, वह घटना जीनत की जिंदगी में बुरे सपने की तरह घट चुकी है। रितिक रोशन के ही ससुर संजय खान ने जीनत अमान से निकाह करने के बाद उसका शोषण किया और ‘अब्दुल्ला’ के सेट पर उसे बुरी तरह पीटा भी। लेकिन, आज क्या जीनत अमान उस घटना का जिक्र करेगी? देश के रईस खानदान की बहू और पूर्व अभिनेत्री टीना मुनीम के गाल पर चोट का एक निशान देखा जा सकता है। यह निशान उन्हें राजेश खन्ना ने दिया था। क्या टीना अपने आपको ‘मी-टू का शिकार कहलाने का साहस दिखा सकती है? एक पार्टी में नशे में चूर राजकपूर ने देव आनंद को नीचा दिखाने के लिए जीनत अमान को पकड़कर उसका चुंबन लिया था। इसके बाद ही देवआनंद और जीनत के रिश्ते में दरार आई थी। लेकिन, तब से अब तक ऐसी घटनाओं का विरोध नहीं किया गया।

यह ठीक है किसी भी क्षेत्र में महिलाओं का यौन शोषण नहीं होना चाहिए। आज मेनका गाँधी इस तरह की घटनाओं के लिए एक कमेटी बनाने का वादा कर रही है। जबकि, वे खुद देश के एक बडे राजनीतिक परिवार के युवराज के शोषण का शिकार बन सकती थी। उनके फौजी पिता यदि संजय गांधी के सामने बंदूक लेकर नहीं आते, तो शायद मेनका भी देश की अनगिनत लडकियों की तरह संजय गांधी की अय्याशी का शिकार बन सकती थी। हो सकता इस बात की टीस उनके दिल में आज भी हो! लेकिन, शायद तमाम बड़ी हस्तियों की तरह उनकी भी यह मजबूरी हो सकती है कि ‘मी-टू जैसे वाकये का शिकार होने के बावजूद वे इसका समर्थन तो कर सकती हैं, लेकिन खुद अपने आपको इसका विक्टिम मानने का साहस नहीं जुटा पा रही! ब्लॉग से साभार

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